
जब 50,000 रुपये या इससे भी अधिक कीमत चुका कर कोई मोबाइल फोन खरीदा जाता है तो यूजर की उम्मीद होती है कि उसे फोन में प्रीमियम क्वॉलिटी प्राप्त हो तथा बाहरी लुक से लेकर अंदर की परफॉर्मेंस तक सबकुछ फर्स्ट क्लास रहे। फ्लैगशिप सेग्मेंट में फोन लॉन्च करने वाली कंपनियां भी ऐसे ही कुछ वायदों के साथ अपने मोबाइल बेचती है। टेक दिग्गज कंपनी Samsung के फ्लैगशिप फोन भी स्पेसिफिकेशन्स व फीचर्स के साथ-साथ शानदार डिसप्ले, डिजाईन व बिल्ड क्वॉलिटी का प्रोमिस करते हैं। लेकिन अब सैमसंग पर आरोप लगा है कि कंपनी ने अपने महंगे फोन में खराब क्वॉलिटी वाले ग्लास का इस्तेमाल किया है और इसी मुद्दे के चलते Samsung के खिलाफ कोर्ट केस भी दर्ज हो गया है।
यह है मामला
Samsung पर आरोप लगा है कि कंपनी ने अपनी फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज़ गैलेक्सी एस20 में खराब क्वॉलिटी वाले कैमरा ग्लास का यूज़ किया है। ये लो क्वॉलिटी वाले डिफेक्टेड कैमरा ग्लास Samsung Galaxy S20, Samsung Galaxy S20 Plus और Samsung Galaxy S20 Ultra के साथ ही Samsung Galaxy S20 FE में भी इस्तेमाल हुए है। कोर्ट में दायर केस के कहा गया है कि सैकड़ों ऐेसे यूजर्स है जिन्हें डिफेक्टेड कैमरा ग्लास वाले फोन बेचे गए हैं जो यूज़ के कुछ ही दिनों बाद अपने आप टूट गए हैं।

यूजर्स का नुकसान
सैमसंग गैलेक्सी एस20 सीरीज़ में यूज़ हुए खराब क्वॉलिटी वाले कैमरा ग्लास के चलते कई यूजर्स ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोबाइल फोंस का कैमरा ग्लास अपने आप टूट गया है। रिपोर्ट के अनुसार रियर कैमरे पर लगा ग्लास फोन के साधारण इस्तेमाल से ही टूट गया है तथा कई केस ऐसे भी सामने आए हैं जिनमें बैक कवर से प्रोटेक्ट किए जाने के बावजूद यह ग्लास ब्रेक हो गया है। इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब सैमसंग ने यूजर्स के इस नुकसान को वारंटी के तहत कवर नहीं किया और इसके रिपेयर के लिए मोटी रकम वसूली। यह भी पढ़ें : स्मार्टफोन के लिए कितनी GB RAM है काफी? क्या वाकई में है 8जीबी और 12जीबी रैम वाले मोबाइल की जरूरत
कंज्यूमर-प्रोटेक्शन कानून का उल्लंघन
Samsung पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि कंपनी ने कंज्यूमर-प्रोटेक्शन कानूनों का उल्लंधन किया है। 27 अप्रैल को न्यू जर्सी के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दर्ज हुए केस में दलील दी गई है कि सैमसंग ने डिफेक्टेड प्रोडक्ट को बेचते हुए उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी और वारंटी नियमों का पालन न करना जैसे कानूनों तोड़ा है। रिपोर्ट में यह तक कहा गया है कि सैमसंग कर्मचारियों को पहले से ही इस खराब क्वॉलिटी वाले ग्लास की जानकारी थी, लेकिन फिर भी कंपनी ने इसे बाजार में आने दिया।

सैमसंग यूजर्स ने अपनी शिकायतों में बताया है कि उनके स्मार्टफोंस के रियर कैमरे का ग्लास बिना किसी बाहरी दवाब के ही टूट गया है। कैमरा ग्लास टूटने पर यहां ‘बुलेट होल’ पैटर्न जैसा निशान बना है। वहीं शिकायत में इन ग्राहकों ने दलील दी है कि कंपनी ने इस डिफेक्ट को वारंटी के तहत ठीक नहीं किया और फोन रिपेयर कराने के लिए 400 यूएस डॉलर यानी तकरीबन 29,000 रुपये तक का खर्चा मांगा है। वहीं इंश्योरेंस होने के बावजूद 100 डॉलर यानी 7,300 रुपये के करीब चार्ज किया है।





















