
ज्यादा पुरानी बात नहीं है जब देश के टेलीकॉम बाजार में Airtel की तूती बोलती थी। तमाम निजी व सरकारी दूरसंचार कंपनियों के बीच एयरटेल का उपभोक्ता आधार सबसे अधिक था और Airtel इंडिया की सबसे बड़ी नंबर वन टेलीकॉम कंपनी थी। फिर देश में 4G सर्विस की शुरूआत हुई और Reliance Jio की एंट्री हुई। जियो के आने से देश में टेलीकॉम बाजार की सूरत ही बदल गई। Jio सिम को हाथों-हाथ लिया गया और यहां से एयरटेल बाजार में पिछड़ती चली गई है। प्रतिस्पर्धा में तो एयरटेल लगातार जियो व अन्य कंपनियों को टक्कर देने में लगी है, लेकिन यह कंपनी अभी भी उपभोक्ता संतुष्टि के क्षेत्र में अपनी साख बचाने में नाकाम नज़र आ रही है। Airtel से जुड़ा ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जहां एयरटेल यूजर द्वारा पेमेंट किए जाने की बावजूद कंपनी की ओर से मोबाइल नंबर ब्लॉक किए जा रहे हैं।
Airtel से जुड़ा यह मामला राजधानी दिल्ली का ही है। प्रकाश में आया है कि एयरटेल उपभोक्ता द्वारा फोन का बिल भर दिए जाने के बावजूद कंपनी के सर्वर पर वह डाटा सुरक्षित सेव नहीं हो पाया और फिर बिल भरने के 4 दिन बाद यूजर के नंबर पर दी गई सर्विसेज बंद कर दी गई। वहीं जब एयरटेल से संपर्क साधा गया तो कंपनी कॉलर एग्जीक्यूटिव ने यह स्वीकार किया कि, कंपनी के बैकएंड कार्य में गड़बड़ी चल रही है और इसी वजह से यूजर का नंबर कंपनी की गलती से बंद कर दिया गया है। आगे पूरा मामला विस्तार से पढ़ सकते हैं, जिसमें देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनी Airtel की लापरवाही तो दिखेगी ही वहीं साथ ही भविष्य में एयरटेल यूजर खुद को भी ऐसी धोखाधड़ी से सुरक्षित रख पाएंगे।
पैसे भरने के बाद भी बिल बकाया
Airtel यूजर आकाश (बदला हुआ नाम) के पास पहले Vodafone नंबर था, जिसे बाद में एयरटेल में पोर्ट कराया गया था। पोस्ट-पेड कनेक्शन में पोर्ट कराने के बाद आकाश के पास वोडाफोन का बकाया बिल भरने को मैसेज आया, जिसमें अदा की जाने वाली राशि 278.49 रुपये और साथ ही ऑनलाईन पेमेंट करने का लिंक भी शामिल था। आकाश में अपने फोन में ही लिंक ओपन करके, क्रेडिट कार्ड के जरिये 279 रुपये की पेमेंट कर दी। पेमेंट करने के बाद ‘पेमेंट सक्सेस’ का मेल भी आ गया और आकाश नॉर्मल रूटिन की तरह रिलेक्स होकर बैठ गए, यह 15 मई की तारीख थी।

बिल भरने के चार दिन बाद 19 मई को जैसे ही आकाश ने किसी काम से फोन मिलाया तो पता चला कि ‘उनके नंबर की सभी सेवाएं अस्थाई रूप से बंद कर दी गई है।’ इंटरनेट, एसएमएस और आउटगोइंग कॉलिंग तीनों सर्विस बंद थी। स्थिति ऐसी थी कि वह एयरटेल कस्टमर केयर में भी कॉल नहीं सकते थे। फिर कुछ घंटों बाद कंपनी की ओर से फिर से बिल भरने का रिमाइंडर आया जिसमें लिखा था कि, ’23 मई तक अपने फोन का बकाया बिल भर दीजिए, नहीं तो नंबर स्थाई तौर पर बंद कर दिया जाएगा।’ इस मैसेज में साथ ही यह भी लिखा था कि, ‘यदि पेमेंट कर चुके हैं तो इस मैसेज को इग्नोर कर दीजिए’।
कंपनी की कामचोरी लेकिन यूजर को सजा
दूसरे एयरटेल नंबरों से भी जब एयरटेल को कॉल करने की कोशिश की गई तो भी किसी एग्जीक्यूटिव से बात नहीं हो पाई। अगले दिन फिर से Airtel की ओर से बिल भरे जाने के लिए कॉल आई और तब कॉलिंग एग्जीक्यूटिव को सारा ब्यौरा बताया गया। बात सुनने और स्थिति समझाने के बाद एग्जीक्यूटिव ने जवाब दिया कि, ‘कंपनी के बैकएंड पर काम करने वाला स्टॉफ दूसरा है, हो सकता है उन्होंने अभी सिस्टम अपडेट नहीं किया हो।’ पूछे जाने पर एग्जीक्यूटिव ने यह भी कबूला कि मोबाइल नंबर की सर्विस एयरटेल की ओर से ही बंद की गई है।
Airtel एग्जीक्यूटिव की ओर से एक व्हाट्सऐप नंबर पर मैसेज करने को कहा गया और बोला गया कि अगले 1 घंटे में नंबर फिर से चालू हो जाएगा। यह जानते हुए कि आउटगोइंग कॉल बंद है तब भी नंबर चालू न होने पर कस्टमर केयर में कॉल करने को बोला गया। आकाश द्वारा समय पर पेमेंट करने और अन्य तमाम कोशिश किए जाने के बाद भी यूजर का नंबर अभी तक बंद है। देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनी के खराब सिस्टम और अनुपयोगी मैनेजमेंट के चलते एयरटेल ग्राहक पैसे चुकाए जाने के बाद भी व्यवसायिक और मानसिक नुकसान झेलने पर मजबूर है।
यदि आपके साथ ही ऐसी कोई घटना घटी है जहां किसी भी टेलीकॉम कंपनी या स्टॉफ की तरफ ने बेमाना व्यवहार किया गया हो और आपने खुद को असहाय पाया हो, तो अपना अनुभव जरूर साझा करें।



















