क्या आप भी घर में लगा रहे हैं Mobile Tower तो जरुर पढ़ें ये खबर…

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इन दिनों साइबर क्राइम के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। साइबर अपराधी अलग-अलग तरीके से लोगों को ठगने के प्रयास करते रहे ते हैं। इन्हीं कुछ प्रयासों में अपराधियों को सफलता मिलती है तो कुछ में उन्हें मुंह की खानी पड़ती है। ओटीपी के माध्यम से किसी के बैंक में सेंध लगाना इन साइबर अपराधियों के लिए काफी आम हो गया है। वहीं, लुभावने ऑफर वाले मैसेज और ई-मेल के बाद आज कल मोबाइल टावर लगाने के नाम पर ठगी करने की तरीका इन साइबर अपराघियों ने निकाल लिया है। दरअसल, कम समय में ज्यादा पैसे कमाने का लालच देकर साइबर अपराधी आपके छत या जमीन पर टावर लगवाने के नाम पर आपको चूना लगा रहे हैं।

Tower लगाने पर मिलते हैं पैसे?

आज-कल एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो आपकी खाली जमीन, छत व प्लॉट पर मोबाइल टावर लगाने की बात करते हैं और मासिक किराया के रूप में मोटी रकम देने के वादे के नाम पर आपको ही लूट लेते हैं। आज कल SMS और अखबारों में विज्ञापन देकर लोगों से टावर लगवाने के लिए ठगी हो रही है। टावर लगवाने के नाम पर फर्जी एजेंसियों के अकाउंट में पैसे जमा कराकर अब तक कई लोग ठगे जा चुके हैं। इसे भी पढ़ें: मोबाइल हैकिंग और डाटा लीक के बढ़ रहे हैं केस, डरें नहीं बचाव करें, जानें कैसे
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हमेशा रहें सावधान

अगर आपके पास भी मोबाइल टावर लगवाने का मैसेज या मेल आता है तो आप सावधान रहें। क्योंकि खुद केंद्रीय गृह मंत्रालय इस तरह के फेक ऑफर से लोगों को सावधान कर रहा है। गृह मंत्रालय का कहना है कि सरकार की तरफ से टावर लगाने के लिए एनओसी दिए जाने या इसी तरह के अन्य ऑफर्स से लोग सावधान रहें और इसकी शिकायत तुरंत करें।

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यहां करें शिकायत

मंत्रालय ने कहा है कि अगर आपके पास कोई मोबाइल टावर का ऑफर लेकर आता हैं तो आप मोबाइल सेवा प्रदाता या अन्य किसी सरकारी विभाग को शिकायत जरूर करें। आप इस तरह के ऑफर आने पर www.cybercrime.gov.in पर जाकर शिकायत कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Facebook Data Leak: करोड़ों के साथ हुआ धोका, भारत के 61 लाख यूजर्स इस लिस्ट में शामिल, क्या आपका डाटा तो नहीं हुआ लीक?

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टावर लगाने के लिए आते हैं मैसेज या ई-मेल

साइबर अपराधी लोगों के पास टावर लगाने के लिए मैसेज भेजते हैं। इन मैसेज या मेल में दावा किया जाता है कि भारत सरकार के दूरसंचार विभाग एक नई स्कीम लेकर आया है, जिसके तहत अलग-अलग स्थानों पर मोबाइल टावर लगाने के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट दे रहा है और टावर की स्थापना के लिए कुछ पैसे जमा करने होंगे। पैसे जमा करने के लिए अकाउंट नंबर भी साथ में दिया जाता है। अक्सर पैसा कमाने के चक्कर में लोग झांसे में आ जाते हैं और अपनी मोटी कमाई गंवा बैठते हैं।

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