
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कल शाम भारतीय नागरिकों को बेहद ही नायाब तोहफा देते हुए अपना नया उपग्रह जीसैट-7ए सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह इंडिया का 35वां संचार सेटेलाइट है जो देश में संचार व्यवस्था को और भी मजबूत तथा सुदृढ़ करेगा। जीसैट-7ए के लॉन्च से देश में संचार सुविधाएं पहले से बेहतर होगी तथा साथ ही भारतीय वायुसेना को भी इस सैटेलाइट से स्टॉग नेविगेशन सिस्टम प्राप्त होगा।
जीसैट-7ए के अंतरिक्ष में स्थापित होने पर देश के इंटरनेट यूजर्स को बड़ा लाभ मिलेगा। बताया जा रहा है कि जीसैट-7ए एक अत्याधुनिक सैटेलाइट है जो दूसरो संचार उपग्रहों के साथ मिलकर एक बैंड तैयार करेगी। जीसैट-7ए केयू बैंड में उपयोगकर्ताओं को संचार क्षमता प्रदान करेगा जिससे इंटरनेट की रफ्तार तेज होगी। माना जा रहा है कि जीसैट-7ए की बदौलत भारत में 100 गीगाबाइट तक की इंटरनट स्पीड प्राप्त होगा।
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Thank You for your support.#GSAT7A#GSLVF11 pic.twitter.com/DmERVxSa8Y— ISRO (@isro) December 19, 2018
इसके साथ ही जीसैट-7ए भारतीय वायुसेना के लिए भी बेहद कामगार साबित होने वाला है। इस सैटेलाइट से दूरदराज के इलाकों में मौजूद उपकरणों को खोजा जा सकेगा तथा उनसे संपर्क किया जा सकेगा। अभी तक ऐसे डिवाईस तथा ड्रोन जैसे उड़ते उपकरणों से संपर्क स्थापित करने के लिए भारतीय वायुसेना ट्रांसपॉन्डर किराये पर लेती था और इस वजह से इनकी जासूसी करना आसान था। लेकिन अब जीसैट-7ए के बाद भारतीय वायुसेना के इन्टीग्रेटेड एयर कमांड तथा हवाई लड़ाकों के लिए कंट्रोल सिस्टम में संचार का एक ताकतवर पहलू जुड़ जाएगा।
जीसैट-7ए इसरो द्वारा वर्ष 2018 का 17वां मिशन है तथा इसे कल शाम श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया है। यह मिशन आठ साल का होगा। इस सैटेलाइट का कुल वजन 2250 किलोग्राम है। जीसैट-7ए देश का 35वां संचार सेटेलाइट है।




















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