
नई प्राइवेसी पॉलिसी के चलते इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकते हैं। इलेट्रॉनिक्स और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने व्हाट्सऐप को नोटिस भेजा है, जिसका जवाब व्हाट्सऐप को 25 मई तक देना है। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो व्हाट्सऐप को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। केंद्रीय इलेट्रॉनिक्स और इंफॉरमेंशन टेक्नोलॉजी मंत्रायल ने व्हाट्सऐप से नई प्राइवेसी पॉलिसी वापस लेने को कहा है। द इंडियन एक्सप्रेस ने मंत्रालय के सूत्रों हवाले बताया है कि इस नोटिस में लिखा है ‘भारतीय नागरिकों के अधिकारों और हितों की रक्षा करना हमारी संप्रभु जिम्मेदारी है। सरकार उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी।’
व्हाट्सऐप को नई प्राइवेसी पॉलिसी को वापस लेने के लिए भेजे नोटिस में केंद्रीय मंत्रालय ने कहा है कि कंपनी की नई प्राइवेसी पॉलिसी भारतीय यूज़र्स की निजी जानकारी, प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी के अधिकारों को प्रभावित करती है। इस नोटिस में कहा गया है कि करोड़ों भारतीय वर्तमान में कॉम्यूनिकेशन के लिए प्रमुख रूप से व्हाट्सऐप पर निर्भर हैं। इस नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी भारतीय कानूनों के विरुद्ध है। मंत्रालय ने इस पर व्हाट्सएप से सात दिनों के अंदर जवाब मांगा है। इसके साथ ही यह भी कहा है कि यदि कंपनी की ओर से उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो व्हाट्सऐप के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह भी पढ़ें : Jio ने की सस्ती और फास्ट इंटरनेट देने की तैयारी, क्या अब बदलेगा भारत का टेलीकॉम बाजार
हालांकि, व्हाटसएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी 15 मई से लागू हो चुकी है। नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर व्हाट्सऐप का कहना है कि ऐसे यूज़र्स जो नई प्राइवेसी पॉलिसी स्वीकार नहीं करेंगे वे व्हाट्सऐप के कई कॉलिंग और मैसेजिंग फ़ीचर्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। कंपनी का कहना है कि वे यूज़र्स का व्हाट्सऐप अकाउंट डिलीट नहीं करेगी। यह भी पढ़ें : फ्री मिल सकता है Jio का 5G Phone, जानें क्या है कंपनी का प्लान
व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी में कंपनी यूज़र्स का ज़रूरी डेटा, डिवाइस इंफ़ॉरमेशन के साथ ट्रांसजेशन हिस्ट्री, नाम, कॉन्टेक्ट से जुड़ी जानकारी फ़ेसबुक और दूसरी सहयोगी कंपनियों के साथ शेयर करेगी। व्हाट्सऐप का कहना है कि उसकी नई पॉलिसी यूज़र्स की प्राइवेसी को किसी तरह से प्रभावित नहीं करती है। दिल्ली हाई कोर्ट में दिए एक हलफ़नामे में व्हाट्सऐप ने यह साफ़ किया कि भारत में काम कर रही दूसरी इंटरनेट आधिरित कंपनियों जैसे Ola, जुमैटो और यहां तक कि केंद्र सरकार की ऐप Aarogya Setu की प्राइवेसी पॉलिसी व्हाट्सऐप की नई पॉलिसी जैसी ही है।





















