मोबाइल पर आग की तरह फैल रही है Sarahah ऐप, बिना नाम-पहचान बताए भेजेगा मैसेज

Join Us icon

फेसबुक पर एक नया ट्रेंड चला है ‘Sarahah‘. अब तक तो आपने अपनी एफबी न्यूज फीड में देख ही लिया होगा कि हर दूसरा व्यक्ति इस ऐप का लिंक शेयर कर रहा है। अगर अब तक आप इससे रू-ब-रू नहीं हुए हैं तो जल्दी ही हो जाएंगे। क्योंकि यह ऐप मोबाइल पर इतनी तेजी से वायरल हो रही है जितनी तेजी से खुद व्हाट्सऐप, स्नैपचैट और फेसबुक भी नहीं हुए। इस ऐप के ​जरिये आप बिना ​अपनी पहचान बताए दूसरों से अपने दिल की बात बयान कर सकते हैं। आईये आपको समझाते हैं आखिर क्या है यह Sarahah ऐप।

Sarahah ऐप को सऊदी अरब के जेन अल-अबीदीन तौफीक ने बनाया है। 30 से ज्यादा देशों में धमाल मचाने के बाद अब यह भारत में भी काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लोग इतनी तेजी से इस ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं कि कुछ ही समय में यह टॉप 4 ऐप की लिस्ट में शुमार हो चुकी है। वैसे आपको बता दें कि यह ऐप फरवरी 2017 में वेबसाइट के तौर पर लॉन्च हुआ थी और अरबी भाषा में Sarahah का मतबल होता है ‘ईमानदार

sarahah

कैसे करें यूज़
Sarahah ऐप का यूज़ आप ऐप डाउनलोड करके तथा ​सीधे ब्राउजर में भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको www.sarahah.com पर अपनी प्रोफाइल बनानी होगी। इसके लिए प्रोफाइल ईमेज़ के साथ ही मेलआईडी, मोबाईल नंबर की जरूरत होगी। यह ऐप अरबी और अंग्रेजी भाषा सपोर्ट करती है।

जानें मुफ्त में इंटरनेट उपयोग के जुगाड़

अपनी प्रोफाईल का लिंक दूसरे के साथ शेयर कर सकते हैं और इस लिंक के जरिये कोई भी आपके मैसेज भेज सकेगा। Sarahah पर भेजे गए मैसेज आपको बिना किसी नाम व पते के रिसीव होंगे। अर्थात् आपको नहीं पता होगा कि आपको वह मैसेज किसने भेजा है, और यही इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत है। Sarahah के जरिये कोई भी सिक्रेट रहते हुए अपने दिल व मन की बात कह सकता है।

sarahah-1

मनोरंजक होने के साथ ही खतरनाक
मैसेज किसने भेजा इस बात की जानकारी नहीं होना ही इसका सबसे बड़ा नेगेटिव ​इफेक्ट माना जा रहा है। इससे ‘साइबर बुलिंग’ का खतरा बढ़ सकता है। लोग मैसेज के जरिये अपनी भड़ास निकालना या कोई भी अभद्र तथा अमान्य भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो किसी मानसिक प्रताड़ना का कारण बन सकती है।

इसपर अकाउंट बनाने वाले यूजर की निजी जानकारी भी लीक हो सकती है, क्योकि इस ऐप का निर्माण किसी कंपनी नहीं बल्कि अरब के व्यक्ति द्वारा किया गया है।

वीवो इंडिया के चीफ मार्केटिंग आॅफिसर विवेक जैंग ने दिया त्यागपत्र

Sarahah पर इस बात का डर भी बना रहता है कि कहीं ऐप की ओर से ही मैसेज भेजे जाने वाले व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक न कर दी जाए। ऐसे में कोई भी मैसेज भेजने वाला व्यक्ति परेशानी में फंस सकता है।

वहीं आपको बता दें कि जब हमनें Sarahah पर अकांउट बनाने के बाद पासवर्ड रिकवर करने की रीक्वेस्ट डाली तो Sarahah का मैसेज जी-मेल के इन-बॉक्स में नहीं बल्कि स्पैम वाले फोलडर में मिला और वह भी अरबी भाषा में।