
स्मार्टफ़ोन बनाने वाली कंपनियों का ज्यादातर फ़ोकस कैमरा पर होता है। इसके साथ ही कुछ कंपनियों का फ़ोकस बैटरी परफ़ॉर्मेंस पर भी रहता है। Apple iPhone 13 Pro max स्मार्टफोन मौजूदा वक्त में लॉन्ग लास्टिंग और बेहतर ऑप्टमाइज्ड बैटरी परफॉर्मेंस ऑफर करता है। हालांकि Apple को सैमसंग से कड़ी चुनौती मिल रही है। अब साउथ कोरियन कंपनी Samsung अपने स्मार्टफोन की बैटरी परफॉर्मेंस को बेहतर करने के लिए कुछ बदलाव करने की प्लानिंग कर रहा है। खबरों की माने तो सैमसंग स्मार्टफोन में लॉन्ग लास्टिंग बैटरी के लिए एडवांस ईवी बैटरी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है।
मल्टीपल सेल बैटरी का हो सकता है इस्तेमाल
The Elec की रिपोर्ट में बताया गया है कि Samsung के लेटेस्ट आइडिया वाले बैटरी का मास प्रोडक्शन शुरू करने की प्लानिंग कर रहा है, जिसमें कई सारे बैटरी सेल एक दूसरे के साथ चिपकी हुई होंगी। कई सारे सेल सीट एक दूसरे के साथ सैंडविच जैसी चिपकी रहेंगी जो बेहतर बैटरी परफॉर्मेंस ऑफर करेंगे। फोन में मल्टी-सेल डिजाइन बैटरी का इस्तेमाल सबसे पहले iPhone बनाने वाली कंपनी ऐप्पल ने शुरू किया है। खबरों की माने तो ऐसा करने पर बैटरी की परफॉर्मेंस करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। हालांकि यह कोई बड़ा अपडेट नहीं है लेकिन एंड्रॉयड डिवाइसेस के लिए यह कितना कारगर होगा यह देखने लायक होगा।
यह टेक्नोलॉजी फ़िलहाल सामने नहीं आई है। इसके साथ ही सैमसंग के स्मार्टफ़ोन की असेंबली लाइन अभी इसके लिए तैयार नहीं है। असेंबली लाइन को अपडेट करने के लिए सैमसंग का काफ़ी खर्च बढ़ जाएगा। ख़बरों की माने तो सैमसंग अपने मैन्यूफ़ैक्चरिंग प्लान्ट्स को अपग्रेड करने के लिए क़रीब 100 बिलियन डॉलर खर्च करने की प्लानिंग कर रहा है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि मल्टीपल बैटरी सेल वाले फ़ोन के लिए अगले दो साल का इंतज़ार करना होगा।
कई सारे और एक दूसरे से चिपके सेल वाली बैटरी पैक का इस्तेमाल आमतौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल में किया जाता है। हालाँकि इसका साइज़ इतना रखना होगा कि यह आसानी से स्मार्टफ़ोन के अंदर फ़िट हो जाए। यह भी पढ़ें : Samsung Galaxy M53 5G के इंडिया लॉन्च से पहले लीक हुए स्टोरेज और कलर वेरिएंट्स, जानें क्या होगी कीमत
ग्रेफीन वाली बैटरियों की मार्केट में आ सकती है बाढ़
सैमसंग का कहना है कि मल्टीपल लेयर वाली बैटरी टेक्नोलॉजी पर काम चल रहा है। ऐसे में बैटरी बनाने में ग्रेफीन का इस्तेमाल बढ़ जाएगा। Xiaomi ने पिछले साल Graphene वाली पहली बैटरी अपने Mi 10 Ultra स्मार्टफोन में इस्तेमाल की थी। इस बैटरी की कैपेसिटी 4,500mAh की है जो 120W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में कितनी कंपनियां इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं। Panasonic और Tesla अपने डिवाइसेस और इलेक्ट्रिक व्हीकल में ग्रेफीन वाली बैटरी का इस्तेमाल करते हैं। यह भी पढ़ें : OnePlus 10R स्मार्टफोन भारत में 150W और 80W फास्ट चार्जिंग वाले दो वेरिएंट में होगा लॉन्च, जानें क्या है खासियत



















