
1 अप्रैल 2023 से UPI के जरिये पेमेंट करने पर लोगों को एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ेगा! यह खबर जंगल में आग की तरह फैली और सभी सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर इसकी चर्चा होने लगी। आम जनता इसे महंगाई की मार कहने लगी और सरकार को कोसने लगी। लोगों ने WhatsApp मैसेज भेजने शुरू कर दिए कि पेटीएम (Paytm), फोन पे (Phone Pay) और गूगल पे (Google Pay) जैसे डिजिटल वाॅलेट के जरिये 2,000 रुपये से अधिक की ट्रांजेक्शन करने पर एक्स्ट्रा पैसा देना पड़ेगा। यह बात है तो सच लेकिन टेंशन लेने की जरूरत नहीं हैं। अगर आप बैंक अकाउंट से लिंक UPI Payment करते हैं तो आपको को कोई नुकसान नहीं हुआ है। यह एक्स्ट्रा चार्ज UPI पर नहीं बल्कि सिर्फ PPI पर लगेगा।
क्या है पीपीआई पेमेंट
PPI की फुलफाॅर्म Prepaid Payment Instrument है। यूपीआई पेमेंट में जहां एक बैंक अकाउंट से सारा पैसा दूसरे बैंक अकाउंट में जाता है वहीं पीपीआई पेमेंट में पैसा बैंक टू बैंक नहीं जाता बल्कि ऐप टू बैंक जाता है। आसान शब्दों में समझाएं तो अगर आप अपनी पेमेंट ऐप के वाॅलेट में पैसा डालकर रखते हैं और फिर उस पैसे को क्यूआर कोड स्कैन करके यूपीआई के जरिये दूसरे व्यक्ति के अकाउंट में भेजते हैं, तो यह प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट की श्रेणी में आता है। पेटीएम और फोनपे जैसी कंपनियां पीपीआई का ऑप्शन देती हैं।
क्या है यूपीआई पेमेंट
UPI का पूरा नाम Unified Payments Interface है। जिसे NPCI यानी National Payments Corporation of India द्वारा संचालित किया जाता है। यूपीआई पेमेंट में एक बैंक अकाउंट से पैसा निकलकर दूसरे बैंक अकाउंट में जाता है। यूपीआई ट्रांजेक्शन किसी भी ऐप प्लेटफाॅर्म के जरिये की जा सकती है। सफल पेमेंट के लिए यूपीआई आईडी या यूपीआई क्यूआर कोड का होना जरूरी है। यह भी पढ़ेंः UPI PIN कैसे बदलें? यहां जाने सबसे आसान तरीका, चुटकियों में होगा काम
किस पेमेंट पर लगेगा पैसा?
एनपीसीआई के प्रस्ताव के अनुसार पीपीआई ट्रांजेक्शन पर एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ सकता है। अगर किसी भी डिजिटल वाॅलेट के जरिये या फिर क्रेडिट कार्ड के जरिये यूपीआई पेमेंट की जाती है तो ऐसी ट्रांजेक्शन्स के लिए इंटरचेंज फीस देनी पड़ सकती है। इसमें अधिकतम चार्ज पेमेंट किए गए अमाउंट का 1.1 प्रतिशत हो सकता है। यह चार्ज तब ही लगेगा जब पेमेंट 2,000 रुपये से अधिक की गई हो। यहां साफ कर दें कि यह जो भी एक्स्ट्रा शुल्क होगा वह पेमेंट करने वाले को नहीं बल्कि पेमेंट प्राप्त करने वाले मर्चेंट को चुकाना होगा।
पेमेंट ऐप्स से हुई यूपीआई पेमेंट में लगने वाले इंटरचेंज शुल्क की शुरूआत 0.5 प्रतिशत से होगी और यह इंटरचेंज चार्ज 1 अप्रैल के बाद ही लागू होगा। सामने आई डिटेल्स के अनुसार पेट्रोल-डीजल की खरीद पर पीपीआई पेमेंट करने वाले अकाउंट होल्डर को 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इसी तरह दूरसंचार, डाकघर, शिक्षा और कृषि के लिए 0.7 प्रतिशत, सुपरमार्केट के लिए 0.9 प्रतिशत और म्यूचुअल फंड, सरकार, बीमा और रेलवे के लिए 1 प्रतिशत शुल्क लिया जा सकता है।
कौन-सी यूपीआई पेमेंट रहेगी फ्री?
NPCI द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार बैंक अकाउंट और प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) के बीच पीयर-टू-पीयर और पीयर-टू-पीयर-मर्चेंट में किसी भी तरह की ट्रांजैक्शन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। P2P और P2M ट्रांजैक्शन पर यह नया नियम लागू नहीं होगा। यानी आप UPI QR Code स्कैन करके या फिर UPI ID डालकर डायरेक्ट अपने बैंक से पैसा निकालकर पेमेंट करते हैं तो यह पहले की तरह पूरी तरह फ्री रहेगा।
यूपीआई चार्ज की खबर
upi payment charges की खबर बीते दिनों इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुई थी। आज के दौर में जब 10-20 रुपये के लिए भी UPI Scan कर लिया जाता है, ऐसे में यूपीआई पेमेंट पर अतिरिक्त चार्ज वाकई में हैरान और परेशान कर देने वाली बात थी। इसी माहौल को समझते हुए NPCI को सामने आकर सफाई देनी पड़ी (स्टेटमेंट) थी कि हकिकत में UPI Payment में एक्स्ट्रा पैसे किसे और क्यों देने पड़ेंगे।
उपर दी गई जानकारी के अलावा अगर आप यूपीआई या डिजिटल पेमेंट से जुड़े किसी अन्य सवाल का जवाब चाहते हैं तो की NCPI आधिकारिक वेबसाइट पर सभी डिटेल्स पढ़ें। ऑफिशियल वेबसाइट पर जाने के लिए (यहां क्लिक करें)






















