Nokia-Vi ने 5G ट्रायल कर तोड़े सबके रिकॉर्ड, हासिल की 9.85 Gbps की स्पीड

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भारत में फास्ट इंटरनेट के सपना देखने वालों का इंतजार शायद थोड़ा लंबा हो सकता है। लेकिन, इस लंबे इंतजार के बाद भी टेलीकॉम कंपनियां द्वारा किए जाने वाले 5G ट्रायल की रफ्तार में कोई कमी नहीं आ रही है। बुधवार को दूरसंचार गियर बनाने वाली कंपनी नोकिया इंडिया ने दावा किया कि उसने मौजूदा 5जी ट्रायल के दौरान वोडाफोन आइडिया नेटवर्क पर 9.85 गीगाबिट प्रति सेकेंड की स्पीड हासिल की है। कंपनी ने गुजरात के गांधीनगर में परीक्षण के दौरान बैक एंड डाटा ट्रांसमिशन में इस टॉप स्पीड को हासिल किया है, जिसका अर्थ मोबाइल बेस स्टेशनों के नेटवर्क को जोड़ना है।

नोकिया इंडिया ने एक ट्वीट में कहा, “वीआई के साथ हमने 80 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम में ई-बैंड माइक्रोवेव का उपयोग करके 9.85 जीबीपीएस बैकहॉल क्षमता हासिल की, जिससे 5जी को तैनात करने की क्षमता का पता चला।” यह भी पढ़ें : सस्ता 5G Phone लेने में फायदा है या नुकसान, जानें

नोकिया ने कहा, “हम उन क्षेत्रों में जहां फाइबर तैनात करना चुनौतीपूर्ण है, ई-बैंड के माध्यम से फाइबर जैसी गति के साथ स्मॉलसेल और मैक्रोसेल्स को जोड़कर 5जी सेवाएं देने के लिए ट्रायल में वोडाफोन के साथ साझेदारी करके खुश हैं।”

वहीं, इस साल सितंबर में वोडाफोन आइडिया ने पुणे में 5G ट्रायल के दौरान 3.7 Gbps (जीबीपीएस) की पीक स्पीड दर्ज करने का दावा किया था। वोडाफोन आइडिया ने गांधीनगर और पुणे में मिड-बैंड स्पेक्ट्रम में 1.5 Gbps डाउनलोड स्पीड दर्ज करने का भी दावा किया है। कंपनी को 5G नेटवर्क ट्रायल्स के लिए पारंपरिक 3.5 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड के साथ-साथ टेलिकॉम डिपार्टमेंट विभाग (डीओटी) द्वारा 26 गीगाहर्ट्ज (जीएचजेड) जैसे हाई फ्रिक्वेंसी बैंड दिए गए हैं। इसे भी पढ़ें: इंडिया में मौजूद सभी 5G Smartphone हुए बेकार! मोबाइल यूजर्स को होगा भारी नुकसान, जानें क्यों

आपको याद दिला दें कि टेलिकॉम डिपार्टेमेंट ने मई में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन और बाद में एमटीएनएल के आवेदनों को मंजूरी दी थी। वहीं, टेलीकॉम गियर निर्माता एरिक्सन, नोकिया, सैमसंग और सी-डॉट के साथ छह महीने के ट्रायल के लिए अनुमति दी गई है।