
DeepSeek, यह शब्द इन दिनों लगभग हर व्यक्ति की जुबान से सुनने को मिल रहा है। और जिन्हें अभी इस बारे में कुछ पता नहीं हैं, वो यकिनन आने वाले दिनों में इसपर चर्चा करते नज़र आएंगे। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को नए स्तर पर ले जाने वाला डीपसीक ने पूरे टेक जगत में भूचाल मचा दिया है। यह ऐप न सिर्फ लॉन्च होते ही दुनिया भर के डाउनलोड चार्ट में नंबर-1 पर पहुंच गया बल्कि इसने आते ही दिग्गज अमेरिकी कंपनियों के मुनाफे और मार्केट शेयर को भी गिरा दिया है।
DeepSeek क्या है?
सबसे पहले आपको बता दें कि DeepSeek एक चीनी कंपनी है जिसका निर्माण 2023 में लियांग वेनफेंग (Liang Wenfeng) ने किया है। इस कंपनी ने ओपन-सोर्स एआई मॉडल DeepSeek R1 लॉन्च किया है जिसने ग्लोबल मार्केट में एंट्री लेते ही OpenAI के ChatGPT सहित Gemini और Claude AI जैसे अपने सभी प्रतिद्वंदियों को पीछे छोड़ दिया है।
दरअसल बीते दिनों में यह ऐप स्टोर पर चैटजीपीटी को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा तेजी से डाउनलोड की गई ऐप बन गई। फ्री एआई चैटबॉट DeepSeek AI ऐप पर इतने सारे नए यूजर्स जुड़ गए कि इसका सर्वर भी कुछ देर के लिए डाउन हो गया। बढ़ता ट्रैफिक देख डेवलपर्स ने इसे बस चाइनीज फोन नंबर वाले यूजर्स के साइनअप के लिए सीमित करना पड़ गया।
क्यों फेमस हो रहा है DeepSeek?
डीपसीक का नाम इन दिनों इंटरनेट पर इसलिए छाया हुआ है क्योंकि इसने अपना AI मॉडल सिर्फ 56 लाख डॉलर की लागत में विकसित किया है, जब्कि अमेरिकी कंपनियों को अपना एआई मॉडल बनाने में अरबों रुपये लगे थे। यह चैट जीपीटी, जैमिनी और क्लाउड एआई की तुलना में बेहद ही कम कॉस्ट में बनकर खड़ा हो गया है जिसने पूरे टेक जगत को हैरान करके रख दिया है।
अमेरिकी कंपनियां अपने AI सिस्टम्स को चलाने के लिए एडवांस चिप और अधिक एनर्जी कंजम्प्शन पर भारी निवेश कर रही है लेकिन DeepSeek छोटे बजट में बड़ा AI मॉडल बनाकर इन्हें चुनौती दे डाली है। यह पूरी तरह से अनलिमिटेड फ्री है जिसका इस्तेमाल कोई भी कर सकता है। सिर्फ 7 दिनों में ही Deepseek का Google Trends Score 50X ऊपर उठ चुका है।
DeepSeek ने हिलाया शेयर बाजार
बीते वीकेंड के बाद जब ग्लोबल शेयर बाजार खुला तो डीपफेक की बढ़ी प्रसिद्धि की वजह से Alphabet, Amazon, Apple, Meta, Microsoft, Nvidia और Tesla जैसी अमेरिकी कंपनियों के मार्केट शेयर पर गहर असर पड़ा है। वहीं नए यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भी DeepSeek की कारनामें को अमेरिकी कंपनियों के लिए ‘वैकअप कॉल’ कह डाला है।
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि गत सोमवार 27 जनवरी को दुनिया के 500 सबसे अमीर लोगों की संपत्ति में 108 अरब डॉलर यानी तकरीबन 9.3 लाख करोड़ रुपये की गिरावट हुई है। सबसे अधिक नुकसान आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) और टेक कंपनियों से जुड़े उद्योगपतियों को हुआ है। एनवीडिया (Nvidia) के को-फाउंडर जेनसन हुआंग (Jensen huang) की संपत्ति में सबसे अधिक 20 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है।










