
इंडियन टेलीकॉम इंडस्ट्री लगातार नए बदलावों की साक्षी बन रही है। दूरसंचार कपंनियां जहां नए नए प्लान्स ला रही है वहीं पिछले दिनों IUC और रिंग ड्यूरेशन जैसे मामले भी सामने आए हैं। टेलीकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानि TRAI हर समस्या का कोई न कोई हल जरूर लेकर आती है, फिर उसके बेशक थोड़ी देर ही क्यूं न लगे। पिछले एक साल से भारतीय दूरसंचार बाजार में मोबाइल नंबर पोर्टेबलिटी का पेंच फंसा हुआ था, जो अब लंबे इंतजार के बाद हल हो गया है। TRAI ने MNP सर्विस के नए नियम की घोषणा कर दी है, और यकिन मानिये नया नियम हर यूजर को राहत की सांस देगा।
TRAI ने MNP सर्विस के नए नियम की जानकारी दे दी है। ट्राई ने बताया है कि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी का यह नया नियम आने वाली 16 दिसंबर से देशभर में लागू हो जाएगा और हर टेलीकॉम कंपनी को इस नियम का सख्ती से पालन करना होगा। MNP सर्विस के इस नए नियम की बात करें तो ट्राई ने तय किया है कि अब अपने मोबाईल नंबर को एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर महज़ 2 दिन में ही पोर्ट किया जा सकेगा।
यह है नया MNP नियम
MNP कराने के लिए अभी तक यूजर को आमतौर पर एक हफ्ते तक का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब TRAI के नए नियम के तहत सभी कंपनियों को यह आदेश दिया गया है कि नंबर पोर्ट करने की प्रक्रिया का समय 7 दिन से घटा कर सिर्फ 2 दिन किया जाए। TRAI की ओर से नए दिशानिर्देश और नियम सार्वजनिक कर दिए गए हैं। अब नंबर पोर्ट की अर्जी डालने के बाद 2 दिन में ही यूजर का मोबाईल ऑपरेटर चेंज हो जाएगा।

एक ही सर्किल में मोबाइल नंबर को एक से दूसरे ऑपरेटर पर बदलने के लिए जहां अधिकतम दो दिन का समय लगेगा, वहीं एक सर्किल से दूसरे सर्किल यानि एक राज्य से दूसरे राज्य में मोबाइल ऑपरेटर बदलने की समयावधि ट्राई ने 5 दिन की तय की है। अर्थात् एक राज्य में यूज़ हो रहा मोबाईल नंबर दूसरे राज्य का नंबर सिर्फ 5 दिन में ही बन पाएगा। TRAI इस सर्विस को 16 दिसबर से पूरे भारत में लागू कर देगी।
यह होगी प्रक्रिया
पोर्ट प्रक्रिया की बात करें तो अपना नंबर दूसरी कपंनी में पोर्ट कराने के लिए 1900 पर अपने नंबर के साथ पोर्ट रिक्वेट PORT 901xxx4488 भेजनी होती है। यह मैसेज किए जाने के बाद ऑपरेटर की ओर से UPC कोड भेजा जाता था, जो कुछ दिनों के लिए वैध रहता है और फिर एक्सपायर हो जाता है। इसी UPC कोड को दूसरे नेटवर्क ऑपरेटर को दिखाकर उस कंपनी में नंबर पोर्ट होता है। वहीं अब PORT रिक्वेस्ट भेज कर UPC कोड पाने के बाद उसका फॉर्म भरकर जिस दिन दूसरे ऑपरेटर के पास जमा कराया जाएगा, उसके 2 दिन के भीतर ही दूसरे नेटवर्क पर वह नंबर एक्टिव हो जाएगा।

नियम लागू होने में लगा 1 साल का समय
आपको जानकर हैरानी होगी कि MNP सर्विस का यह नियम TRAI द्वारा पिछले साल 13 दिसंबर 2018 को पास कर दिया गया था। लेकिन किसी न किसी वजह से यह नियम देश में लागू नहीं हो पा रहा था। पिछली 21 अक्टूबर और 31 अक्टूबर को हुई मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सर्विस प्रोवाइडर्स तथा टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स की मीटिंग के बाद यह नियम जल्द जल्द लागू करने का फैसला किया गया है। यह नियम 11 नवंबर को बाजार में लाया जाना था, लेकिन फिर से किसी अधूरे काम व अड़चन की वजह से अब MNP का नया नियम लागू होने की तारीख 16 दिसंबर तय हुई है।





















