
Google Play Store पर आपको हर तरीके के कई ऐप्स मिल जाएंगे जिनमें से आप अपनी पसंद व जरूरत के हिसाब से किसी को भी डाउनलोड कर सकते हैं। लेकिन ऐप आपके लिए जितने मददगार होते हैं उतने ही खतरनाक भी हो सकते हैं। हालांकि, प्ले स्टोर पर एंडरॉयड ऐप्स को काफी सेफ माना जाता है। वहीं, गूगल दावा करता है कि इसमें एंटी-मैलवेयर प्रोटेक्शन दिया गया है। प्ले स्टोर पर अपलोड होने से पहेल ऐप को स्कैन किया जाता है। लेकिन, फिर भी किसी थर्ड पार्टी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले काफी रिस्क रहता है। वहीं, अब एक मैलवेयर को लेकर अलर्ट किया गया है जो स्मार्टफोन यूजर्स के लिए घातक साबित हो रहा है।
क्या है मामला
न्यूज वेबसाइट BBC ने अपनी एक रिपोर्ट में जानकारी दी है कि इस वायरस को लेकर Vodafone UK, Three और EE के अलर्ट जारी किया है। इस नए मैलवेयर Flubot का नाम दिया गया है। ये मैलवेयर यूजर के पासवर्ड को चुरा लेता है। ये किसी पॉपुलर ऐप की तरह दिखता है। इस वजह से यूजर्स इांसे में आ जाते हैं और अपने पासवर्ड की जानकारी हैकर्स के हाथ में थमा बैठते हैं। इसे भी पढ़ें: फ्री कोरोना वैक्सीन वाले लिंक से रहें सावधान, हैकर्स भेज रहे मैसेज

ऐप इंस्टॉल के लिए आता है SMS
दरअसल, इस वायरस को इंस्टॉल करने के लिए यूजर्स को एक स्पैम SMS भेजा जाता है। मैसेज में पैकेज डिलीवरी की बात कही जाती है। डिलीवरी को ट्रैक करने के लिए यूजर को एक लिंक दिया जाता है। इस लिंक पर क्लिक करते ही एक ऐप को डाउनलोड करने को कहा जाता है। यूजर पैकेज मिलने की चाहत में ऐप डाउनलोड कर लेता है।

प्ले स्टोर पर नहीं ऐप
ये ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं होता। इस वजह से इसे मैन्यूअली इंस्टॉल करने को कहा जाता है। ध्यान रहे अगर आपके पास इस प्रकार का कोई मैसेज आता है तो ऐसे मैसेज पर मौजूद लिंक पर क्लिक बिल्कुल न करें। इसे भी पढ़ें: सस्ता लोन पड़ेगा महंगा, फर्जी कॉल से सावधान मिनटों में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
इस तरह करें असली और नकली ऐप की पहचान
- डाउनलोड से पहले ऐप को ध्यान से देखें
किसी भी ऐप को सर्च करते समय ऐप को ध्यान से देखें कि ऐप्स में आइकन या नाम में कुछ तो फर्क होगा। अक्सर फर्जी ऐप्स के नाम की स्पेलिंग या आइकन में काफी फर्क होता है। नाम में किसी एक अक्षर को कई बार बदले हुए होते हैं।
- डाउनलोड की संख्या
ऐप डाउनलोड करने से पहले उसके डाउनलोड की संख्या पर भी एक नजर जरूर डालें। यह काम करना जरूर इसलिए हैं क्योंकि ओरिजनल ऐप को दुनियाभर में करोड़ों बार डाउनलोड किया गया है जबकि फर्जी ऐप के डाउनलोड काउंट बेहद ही कम होते हैं।





















