DoT ने टेलीकॉम कंपनियों से गांवों में 5G टेस्ट करने को कहा, MTNL दिल्ली में करेगा ट्रायल शुरू

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देशभर में 5G नेटवर्क के लिए जल्द ही ट्रायल शुरू होंगे। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम्यूनिकेशन (DoT) ने देश में काम कर रही टेलीकॉम कंपनियों से शहरी क्षेत्रों के साथ साथ ग्रामीण इलाकों में भी 5G टेक्नोलॉजी को टेस्ट करने के लिए कहा है। भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया कंपनियों को देश में 5G टेक्नोलॉजी के ट्रायल के लिए 6 महीने के लिए स्पेक्ट्रम दिए गए हैं। इसके साथ ही सरकारी टेलीकॉम MTNL (महानगर टेलीकॉम निगम लिमिटेड) के बारे में सूत्रों का कहना है कि कंपनी को 5000 रुपये जमा करने पर 5G ट्रायल के लिए स्पेक्ट्रम मिलेगा। डीओटी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि MTNL दिल्ली में 5G परीक्षण के लिए CDot के साथ मिलकर काम कर रहा हैं। एमटीएनएल नजफगढ़ के पास भी 5G का टेस्ट करेगा। फिलहाल एमटीएनएल ने 5G स्पेक्ट्रम ट्रायल के लिए फीस जमा नहीं की है।

5G ट्रायल के लिए टेलीकॉम कंपनियों को अलग अलग लोकेशन पर 700 Mhz बैंड, 3.3-3.6 गिगाहर्ट्स (Ghz) और 24.25-28.5 Ghz बैंड के स्पेक्ट्रम वितरित किए हैं। इसके साथ ही DoT ने 5G ट्रायल के लिए Ericsson, Nokia, Samsung और C-DOT कंपनियों को अनुमति दी है। डिपार्टमेंट ने चाइनीज कंपनियों को ट्रायल की अनुमति नहीं दी है। इंडस्ट्री सूत्रों की माने तो Reliance Jio अपनी 5G टेक्नोलॉजी के साथ-साथ Samsung नेटवर्क गेयर मिलकर काम कर रहा है। हालाँकि सैमसंग और जियो ने इस मामले में कोई कमेंट नहीं किया है। यह भी पढ़ें : Exclusive : Samsung Galaxy A03s स्मार्टफोन का डिजाइन हुआ लीक, स्पेसिफिकेशन्स का भी हुआ खुलासा

5G ट्रायल के लिए DoT ने मुंबई, दिल्ली, कोलकता, बेंगलुरु, गुजरात और हैदराबाद में अलग अलग जगह पर स्पैक्ट्रम ऑफर किए हैं। भारती एयरटेल दिल्ली, मुंबई, कोलकत्ता और बैंगलुरु में 5G के लिए ट्रायल कर रहा है। इसके साथ ही रियलांस जियो दिल्ली, मुंबई, गुजरात और हैदराबाद में 5G के ट्रायल कर रहा है।  यह भी पढ़ें : Xiaomi लेकर आई कमाल की टेक्नोलॉजी, मात्र 8 मिनट में फुल चार्ज होगा स्मार्टफोन

भारत में 5G ट्रायल के लिए अलग-अलग काम जिनमें टेली मेडिसिन, टेली एजुकेशन, ड्रोन आधारित कृषि निगरानी जैसे काम शामिल हैं। इसके साथ ही टेलीकॉम कंपनियां अपने नेटवर्क पर विभिन्न 5G उपकरणों का परीक्षण करने में सक्षम होंगे। फ़िलहाल कंपनियों को 5G ट्रायल के लिए अभी 6 महीने का समय दिया गया है। इसमें 2 महीने का समय 5G डिवाइसेस की ख़रीदारी और इक्यूपमेंट के लिए सेटिंग लिए भी तय है।

DoT का कहना है कि 5G टेक्नोलॉजी को लेकर अटकलें है कि यह 4G की तुलना में दस गुना बेहतर डाउनलोड स्पीड मिलेगी। इसके साथ ही तीन गुना ज्यादा स्पेक्ट्रम इफिसीएंसी भी मिलेगी।

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