Android फोन में तुरंत ऑन कर लें ये 5 इमरजेंसी सेटिंग्स, मुसीबत में आएंगे काम

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आज के दौर में स्मार्टफोन केवल कॉल करने, फोटो खींचने या फिर सोशल मीडिया चलाने वाला डिवाइस नहीं रह गया है, बल्कि लेटेस्ट एंड्रॉयड फोन कई ऐसे एडवांस सेफ्टी फीचर्स के साथ आते हैं, जो किसी दुर्घटना, मेडिकल इमरजेंसी, प्राकृतिक आपदा या खतरे की स्थिति में बड़े काम आ सकते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अधिकांश लोग इन फीचर्स के बारे में जानते ही नहीं हैं या फिर इन्हें कभी एक्टिव ही नहीं करते है।

सोचिए, अगर आप अकेले यात्रा कर रहे हों, अचानक सड़क दुर्घटना हो जाए, किसी सुनसान जगह पर फंस जाएं या फिर भूकंप और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़े, तो ऐसे समय में आपका स्मार्टफोन आपके लिए एक डिजिटल सुरक्षा कवच की तरह काम कर सकता है। Google ने Android में कई ऐसे फीचर्स दिए हैं जो जरूरत पड़ने पर आपकी लोकेशन परिवार तक पहुंचा सकते हैं, इमरजेंसी सर्विसेज को अलर्ट कर सकते हैं और आपको आने वाले खतरे की जानकारी भी दे सकते हैं। यही कारण है कि इन फीचर्स को पहले से सेटअप करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इमरजेंसी कभी बताकर नहीं आती और उस समय आपके पास सेटिंग्स खोजने का मौका नहीं होता हैं।

Personal Safety App: डिजिटल सुरक्षा का कंट्रोल सेंटर

Android के सेफ्टी फीचर्स की शुरुआत Personal Safety App से होती है। यह ऐप Android 12 या उससे नए वर्जन वाले अधिकांश स्मार्टफोन्स में पहले से इंस्टॉल मिलता है। अगर आपके फोन में यह मौजूद नहीं है, तो इसे Google Play Store से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। यह ऐप कई सेफ्टी फीचर एक ही जगह उपलब्ध कराता है। इसकी मदद से आप अपने मेडिकल रिकॉर्ड जोड़ सकते हैं, इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स सेट कर सकते हैं और Safety Check फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मान लीजिए आप रात में अकेले कैब से घर जा रहे हैं या किसी नए शहर में ट्रैवल कर रहे हैं। ऐसे में आप Safety Check शुरू कर सकते हैं। निर्धारित समय पूरा होने पर फोन आपसे पूछेगा कि आप सुरक्षित हैं या नहीं। यदि आप जवाब नहीं देते हैं, तो ऐप आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स को आपकी लोकेशन और स्थिति की जानकारी भेज सकता है।

आप इसमें ब्लड ग्रुप, एलर्जी, मेडिकल कंडीशन और दवाओं से जुड़ी जानकारी भी जोड़ सकते हैं। दुर्घटना की स्थिति में यह जानकारी डॉक्टरों और रेस्क्यू टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। Google Pixel जैसे कुछ स्मार्टफोन्स में Car Crash Detection फीचर भी मिलता है, जो गंभीर सड़क दुर्घटना का पता लगाकर खुद ही सहायता सेवाओं को अलर्ट कर सकता है।

Emergency SOS: सिर्फ कुछ सेकंड में मदद पहुंचाने वाला फीचर

कई बार ऐसी स्थिति आ सकती है जब आपके पास फोन अनलॉक करने या किसी को कॉल करने का समय न हो। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए Android में Emergency SOS फीचर दिया गया है। इसे Safety & Emergency (Settings > Safety & emergency > Emergency SOS) सेक्शन से एक्टिव किया जा सकता है। एक बार सेटअप पूरा होने के बाद आपको केवल पावर बटन को लगातार कई बार दबाना होता है और फोन इमरजेंसी मोड में चला जाता है।

यह फीचर एक साथ कई काम कर सकता है। यह तुरंत इमरजेंसी नंबर पर कॉल लगा सकता है, आपके परिवार या दोस्तों को आपकी लोकेशन भेज सकता है और जरूरत पड़ने पर वीडियो रिकॉर्डिंग भी शुरू कर सकता है। सबसे खास बात यह है कि रिकॉर्ड किया गया वीडियो क्लाउड स्टोरेज पर भी अपलोड हो सकता है और आपके भरोसेमंद कॉन्टैक्ट्स के साथ साझा किया जा सकता है। यदि आप किसी खतरे या संदिग्ध परिस्थिति में फंस जाते हैं तो यह फीचर महत्वपूर्ण सबूत भी प्रदान कर सकता है। महिलाओं, बुजुर्ग, स्टूडेंट्स और अकेले यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह फीचरउपयोगी माना जाता है।

Wireless Emergency Alerts: खतरे से पहले मिल सकती है चेतावनी

कई बार कुछ मिनट पहले मिली जानकारी भी बड़ी दुर्घटना को टाल सकती है। Android का Wireless Emergency Alerts (Settings > Safety & emergency > Wireless emergency alerts)
फीचर इसी उद्देश्य से बनाया गया है। यह फीचर आपके आसपास होने वाली गंभीर घटनाओं की जानकारी देता है। इनमें बाढ़, चक्रवात, जंगल की आग, अत्यधिक बारिश, तूफान और अन्य प्राकृतिक आपदाएं शामिल हो सकती हैं।

Google विभिन्न सरकारी एजेंसियों, मौसम विभागों, स्थानीय न्यूज सोर्स और अन्य संस्थाओं से डेटा एकत्र करके ये अलर्ट जारी करता है। यदि आपके क्षेत्र में कोई बड़ा खतरा मंडरा रहा है, तो आपका फोन तुरंत नोटिफिकेशन भेजेगा। नोटिफिकेशन पर टैप करने पर आपको घटना से जुड़ी डिटेल जानकारी, प्रभावित क्षेत्र और सुरक्षा उपायों की जानकारी भी मिलती है। भारत सहित कई देशों में यह फीचर पहले से उपलब्ध है और लाखों लोगों को समय रहते चेतावनी प्रदान करता है।

Earthquake Alerts: भूकंप आने से पहले मिल सकती है सूचना

भूकंप ऐसी प्राकृतिक आपदा है जिसमें कुछ सेकंड की चेतावनी भी जीवन बचा सकती है। Google ने इसी जरूरत को देखते हुए Android में Earthquake Alerts (Settings> Safety & emergency> Earthquake alerts> ON) फीचर जोड़ा है। यह फीचर भूकंप संबंधी गतिविधियों की निगरानी करता है और प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद यूजर्स को तुरंत चेतावनी भेजता है।

Google इसके लिए सरकारी भूकंप निगरानी नेटवर्क और Android डिवाइसेज के सेंसर डेटा का उपयोग करता है। जब सिस्टम को भूकंप के शुरुआती संकेत मिलते हैं, तो प्रभावित क्षेत्र के यूजर्स को अलर्ट भेजा जाता है। अलर्ट में भूकंप की तीव्रता, संभावित केंद्र, झटकों की गंभीरता और सुरक्षा निर्देश शामिल होते हैं। फोन आपको Drop, Cover and Hold On जैसे निर्देश भी दिखा सकता है ताकि आप तुरंत सुरक्षित स्थान पर जा सकें।

Emergency Location Service: जब आपकी लोकेशन जानना सबसे जरूरी हो

किसी भी आपातकालीन स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी आपकी लोकेशन होती है। यदि बचाव दल को आपकी सटीक स्थिति नहीं पता होगी तो सहायता पहुंचने में देरी हो सकती है। इसी समस्या का समाधान है Emergency Location Service (ELS) (Settings> Safety & emergency> Emergency Location Service> ON)।

Emergency Location Service

जब यह फीचर एक्टिव होता है और आप इमरजेंसी नंबर पर कॉल या मैसेज करते हैं, तो आपका फोन आपकी सटीक लोकेशन संबंधित आपातकालीन सेवाओं तक पहुंचा देता है। यह तकनीक GPS, Wi-Fi, मोबाइल नेटवर्क और अन्य लोकेशन सोर्स का उपयोग करके आपकी वास्तविक स्थिति का पता लगाती है।

यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो किसी दुर्घटना, मेडिकल समस्या या प्राकृतिक आपदा के दौरान अपनी स्थिति स्पष्ट रूप से नहीं बता पाते हैं।

Google के अनुसार, ELS के जरिए साझा की गई लोकेशन केवल अधिकृत आपातकालीन सेवाओं तक पहुंचती है। यह जानकारी किसी अन्य व्यक्ति या कंपनी के साथ साझा नहीं की जाती है।

कैसे इन फीचर्स को एक्टिव करें?

अधिकांश Android स्मार्टफोन्स में ये सभी विकल्प Settings > Safety & Emergency सेक्शन के अंदर उपलब्ध होते हैं। यहां जाकर आप Emergency SOS, Personal Safety, Wireless Emergency Alerts और Earthquake Alerts जैसी सेवाओं को सक्रिय कर सकते हैं।

साथ ही अपने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स, मेडिकल जानकारी और लोकेशन शेयरिंग सेटिंग्स को भी अपडेट कर लेना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर सिस्टम सही तरीके से काम कर सके।

क्यों जरूरी है पहले से तैयारी?

अधिकांश लोग यह सोचते हैं कि उनके साथ कभी कोई दुर्घटना नहीं होगी, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। सड़क हादसे, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, प्राकृतिक आपदाएं और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं कभी भी हो सकती हैं। ऐसे समय में आपका स्मार्टफोन केवल एक गैजेट नहीं, बल्कि एक लाइफलाइन बन सकता है। कुछ मिनट निकालकर इन फीचर्स को एक्टिव करना भविष्य में आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। याद रखें, इमरजेंसी आने के बाद तैयारी करने का मौका नहीं मिलता है। इसलिए अपने Android फोन की Safety Settings आज ही चेक करें और सुनिश्चित करें कि जरूरत पड़ने पर आपका फोन आपकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हो।

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