
मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस जियो ने घोषणा की कि दूरसंचार ऑपरेटर ने अपने 5G रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN) और 5G स्टैंडअलोन (SA) कोर नेटवर्क पर कनेक्टेड रोबोटिक्स का सफलतापूर्वक ट्रायल पूरा किया है। Jio के सीनीयर वाइस प्रेसिडेंट आयुष भटनागर ने लिंक्डइन इस बारे में जानकारी दी है। आयुष भटनागर ने कहा कि जियो के घरेलू 5जी नेटवर्क पर कनेक्टेड रोबोटिक्स ट्रायल उद्योग 4.0 में मूल्य सृजन के लिए “रोमांचक अवसर” खोलेगा।
Jio का अपना स्वदेशी 5G स्टैक होने का दावा है और भारत में अखिल-देश स्तर पर अपनी क्षमता का परीक्षण करने के बाद इसे विदेशों में निर्यात करने की योजना है। इस बीच, एयरटेल अपोलो हॉस्पिटल्स, फ्लिपकार्ट और अन्य निर्माण कंपनियों के साथ 5 जी-आधारित समाधानों पर काम कर रहा है। इसकी तुलना में, वोडाफोन आइडिया (VI) ने कई 5 जी-संचालित अनुप्रयोगों पर काम करने के लिए नोकिया और एरिक्सन के साथ साझेदारी की है, जिसमें उन्नत मोबाइल ब्रॉडबैंड (ईएमबीबी), अल्ट्रा-विश्वसनीय कम विलंबता संचार (यूआरएलएलसी), मल्टी-एक्सेस एज कंप्यूटिंग (एमईसी) शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Jio का सबसे सस्ता मंथली रिचार्ज प्लान, मिलेगा 2GB डाटा और अनलिमिटेड फ्री कॉल
Jio 5G
मुकेश अंबानी ने हाल ही में India Mobile Congress 2021 (IMC 2021) के दौरान कहा कि सरकारी यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड का इस्तेमाल देश में मोबाइल सब्सिडी देने के लिए करने की पैरवी की है। मुकेश अंबानी का मानना है कि अगर देश के हाशिए पर रहने वाले लोगों को देश की डिजिटल ग्रोथ का हिस्सा बनना है तो उसे किफायती कीमतों पर सर्विस और डिवाइस मुहैया कराए जाने चाहिए। इसे भी पढ़ें: Free में कराएं Jio में अपना मोबाइल नंबर पोर्ट, ये रहे 2 सबसे सिंपल तरीके
इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत को 2जी से 4जी और फिर 5जी में माइग्रेशन जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। लाखों भारतीयों को सामाजिक-आर्थिक पिरामिड में सबसे नीचे 2जी तक सीमित रखना उन्हें डिजिटल क्रांति के लाभों से वंचित करना है। क्योंकि कोविड में हमने देखा जब सबकुछ बंद था तब इंटरनेट और मोबाइल ने ही हमें जीवित रखा। तकनीक हमारे जीवन और रोजगार के लिए सहारा बनी।






















