
JioPhone Next को कई लोग बीरबल की खिचड़ी कहने लगे हैं। खैर ऐसे लोगों की भी गलती नहीं, अंबानी साहब का यह मोबाइल फोन ही ऐसा है जो लंबा इंतजार करवा रहा है। Reliance Jio और Google द्वारा मिलकर बनाया गया Ultra Affordable 4G SmartPhone Jio Phone Next पहले 10 सितंबर को गणेश चर्तुथी के दिन लॉन्च होना था लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। अब जियो फैंस को दिवाली का इंतजार है क्योंकि अगले महीने यानी नवंबर में जियोफोन नेक्स्ट मार्केट में सेल के लिए उपलब्ध हो सकता है। विभिन्न रिपोर्ट्स में इस फोन की स्पेसिफिकेशन्स और कीमत सामने आ चुकी है लेकिन कंपनी ने अभी भी Jio Phone Next Price को पर्दे में ही रखा है। पहले से ही कोरोना के चलते निर्माण मेें देरी झेल रहे रिलायंस जियो के इस सस्ते स्मार्टफोन के सामने कई चुनौतियां खड़ी हैं जो प्रोडक्शन से लेकर प्राइस, सेल और ऑफ्टर सेल सभी पायदानों पर मुश्किल बन सकती है।
सस्ते का चक्कर पड़ेगा महंगा
रिसर्च फर्म का मानना है कि यदि Reliance Jio को स्मार्टफोन मार्केट में बने रहना है तो उसे JioPhone Next को कम कीमत पर ही बेचना पड़ेगा तथा फोन का दाम 50 डॉलर से कम ही रखना होगा। यानी जियोफोन नेक्स्ट का दाम 3,500 रुपये के करीब होना जरूरी है। फोन की कीमत कम होगी तभी यह लो बजट कैटेगरी में अपनी जगह बना पाएगा। फर्म के अनुसार जरूरत के हिसाब से जियो फोन का दाम बाद में बढ़ा सकती है लेकिन शुरू के एक साल तो कंपनी को कीमत कम ही रखनी पड़ेगी बेशक उससे प्रोफिट खोना पड़े। फोन का दाम कम रखना मुश्किल हो सकता है जिसकी वजह अगले प्वाइंट में बताई गई है।

पार्ट्स/कंपोनेन्ट की कमी
अंबानी अनाउंस कर चुके हैं कि JioPhone Next बाजार का सबसे सस्ता 4जी स्मार्टफोन होगा। लेकिन प्रसिद्ध रिचर्स फार्म Canalys का मानना है कि कोरोना महामारी के चलते फोन निर्माताओं को साल 2020 से ही सप्लाई चेन, कंपोनेन्ट्स शॉर्टेज और प्रोडक्शन व मैन्युफैक्चरिंग के जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और इसी वजह से कई SmartPhone Brands अपने डिवाईस लेट भी कर चुके हैं। JioPhone Next की देरी का भी यही कारण है। ऐसे में कंपोनेन्ट को अरेंज करना जियो के सामने भी बड़ी चुनौती बनेगा। जियो दुनियाभर में चिप सप्लाई शॉर्टेज़ और मुख्य कंपोनेन्ट के बढ़ते दामों के चलते जियो को ‘बड़ी मुश्किल’ का सामना करना पड़ेगा।

मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर
सबसे पहले तो आपको बता दें कि कई स्मार्टफोन ब्रांड अपने प्रोडक्ट्स के निर्माण के लिए प्रोडक्शन व मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स के साथ डील करती है। इंडिया में Apple iPhones का निर्माण में ऐसे ही पार्टनर्स द्वारा किया जा रहा है। Jio के लिए यह खेल थोड़ा नया है। रिसर्च फार्म के मुताबिक कोरोना के चलते जो कंपोनेन्ट्स की कमी मार्केट में चल रही है उसके आगे अन्य कंपनियों के पास जहां पहले से बेहतर इन्वेंटरी का प्रबंध है वहीं जियो और उसके साथी मैन्युफैक्चरर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है।
बिल्ट क्वॉलिटी और ऑफ्टर-सेल सर्विस
इंडिया में लो बजट स्मार्टफोन की टारगेट ऑडियंस बड़ी होती है मतलब बजट फोंस को लेने वाले ग्राहकों को गिनती महंगे फोन खरीदने वाले यूजर्स की तुलना में बहुत ज्यादा है। ऐसे में रिलायंस जियो के सामने बड़ी चुनौती यह भी होगी कि कंपनी अपने फोन की बिल्ट क्वॉलिटी बेहद मजबूत और सॉलिड बनाए ताकी फोन को जल्दी रिपेयरिंग की जरूरत न पड़े। वहीं फोन बेचने के साथ-साथ जियो को इस बात का भी खास ध्यान रखना होगा कि JioPhone Next के लिए भरपूर मात्रा में सर्विस सेंटर बनाए जाए और फोन की ऑफ्टर-सेल सर्विस भी परफेक्ट काम करती रहे।

शुरूआत होगी धीमी
Canalys का मानना है कि इस वक्त भारत में आबादी का एक बड़ा हिस्सा ऐसा है जिनकी कंज्यूमर इनकम कम है। वहीं दूसरी ओर बेसिक चीजों के दाम भी देश में बढ़ रहे हैं। जियोफोन नेक्स्ट सितंबर में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा और उसके बाद फेस्टिवल सीज़न शुरू हो जाएग। रिसर्च फर्म के अनुसार ऐसा हो सकता है कि शुरूआत में Jio-Google के इस सस्ते 4G SmartPhone को ज्यादा खरीदार न मिले। लॉन्च के पहले साल में इस फोन के शिपमेंट कम रह सकती है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लॉन्च के बाद दूसरी छमाही में JioPhone Next की सेल बढ़ने के आसार भी है।





















