फिर आग का गोला बनी बैटरी वाली स्कूटी, एक साथ जलकर खाक हुईं 20 Electric Scooty

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इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटना काफी समय से एक के बाद एक सामने आ रही है जिससे अब इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। वहीं, अब एक ऐसी घटना सामने आई है, जिससे सुनकार आप भी चौंक जाएंगे। दरअसल,नासिक में एक ट्रांसपोर्ट कंटेनर में लोड होने के बाद जितेंद्र इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (Jitendra Electric Vehicles) के 20 इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लग गई। वहीं, एक अन्य रिपोर्ट में मुताबिक जिन वाहनों में आग लगी हैं उनकी संख्या 40 है। एक साथ इतनी बैटरी वाली स्कूटी में आग लगने की घटना को लेकर कंपनी ने कहा कि वह आग के मूल कारण का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।

Jitendra EV

यह भयानक घटना 9 अप्रैल की है जब स्कूटरों को बेंगलुरु ले जाया जा रहा था। कंपनी ने घटना को स्वीकार किया है और कहा है कि वह आग के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार जितेंद्र इलेक्ट्रिक व्हीकल्स ने अपनी नासिक फैक्ट्री में कुल 40 इलेक्ट्रिक स्कूटरों के साथ एक कंटेनर लोड किया था। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इसे भी पढ़ें: Electric Vehicles को चार्ज करते वक्त इन बातों का जरूर रखें ध्यान, साथ ही जानें क्यों लगती है E-Scooter में आग

कंपनी ने ईटी ऑटो को एक बयान में कहा कि 9 अप्रैल को हमारे कारखाने के गेट के पास एक स्कूटर ट्रांसपोर्ट कंटेनर में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। हमारी टीम ने इस स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लिया। वहीं, हमारे लिए सुरक्षा प्रमुख है और हम इस आग लगने की घटना के मूल कारण की जांच कर रहे हैं और आने वाले दिनों में हम निष्कर्षों के साथ आएंगे।

पहले भी इलेक्ट्रिक स्कूटर में लग चुकी है आग

भारत में गर्मियों की शुरुआत के बाद से इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की यह पांचवीं घटना है। इसकी शुरुआत 26 मार्च को पुणे में ओला एस1 प्रो से हुई और फिर उसी दिन, ओकिनावा स्कूटर की बैटरी में आग लग गई, जिससे वेल्लोर में एक व्यक्ति और उसकी 13 वर्षीय बेटी की मौत हो गई थी। वहीं, कुछ दिन बाद तमिलनाडु में भी PureEV में आग लगने का मामला सामने आया था। इसे भी पढ़ें: एक बार फिर लगी इस फेमस Electric Scooter में आग, धूं-धूं करके जल उठा

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इन घटनाओं ने देश भर में बिकने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा और टिकाऊपन पर एक बड़ी चर्चा शुरू कर दी है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी (सीएफईईएस) से आग के कारणों की जांच करने और इस महीने के अंत तक रिपोर्ट देने को कहा है। एथर के सीईओ तरुण मेहता ने कहा कि इन इलेक्ट्रिक स्कूटरों के बैटरी पैक आयात किए जाते हैं और भारतीय मौसम की स्थिति के लिए डिज़ाइन नहीं किए जाते, जिस कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

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