
केंद्र सरकार ने फ़रवरी महीने में देश में काम कर रही सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नए आईटी क़ानून पेश किए थे। इन क़ानूनों को लागू करने के लिए सरकार द्वारा दी गई समय सीमा 26 मई को ख़त्म हो गई है, जिसके चलते आईटी क़ानून और सोशल मीडिया कंपनियां इन दिनों सुर्खियों में है। इन क़ानून से जुड़ा एक मैसेज इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि व्हाट्सऐप पर भेजे गए आपको मैसेज और कॉल अब से रिकॉर्ड किए जाएंगे। इसके साथ ही मैसेज और भी कई दावे किए जा रहें, जिसमें कहा जा रहा है मैसेज के बाद दो ब्लू टिक और एक रेड टिक का मतलब है कि सरकार आपके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी। यह मैसेज फ़ेक है। कुछ ऐसे ही मैसेज पिछले साल भी वायरल हो रहे थे।
इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि WhatsApp ने नया कॉम्यूनिकेशन रूल्स पेश किये हैं। यह मैसेज ऐसे वक़्त में वायरल हो रहा है जब व्हाट्सऐप केंद्र सरकार के नए आईटी क़ानूनों के ख़िलाफ़ ख़ुद कोर्ट पहुंची है। व्हाट्सऐप ने कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि नए आईटी क़ानून में ट्रेसेबिलिटी का प्रावधान करने को कहा जा रहा है जिससे यूज़र्स की प्राइवेसी ख़तरे में पड़ सकती है। व्हाट्सऐप पर भेजे गए मेसेज एंड टू एंड इनक्रिप्टेड होते हैं, जिससे कोई भी थर्ड पार्टी इन मैसेज को नहीं पढ़ सकती हैं चाहे वह व्हाट्सऐप हो या फिर सरकार ही क्यों न हो। यह भी पढ़ें : Nubia Red Magic 6R गेमिंग स्मार्टफोन Snapdragon 888 चिपसेट, 64MP कैमरा और 12GB RAM के साथ लॉन्च, जानें क्या होगी कीमत
व्हाट्सऐप पर वायरल हो रहा फेक मैसेज

इस वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि जैसे ही नए आईटी कानून लागू किए जाएंगे, सभी कॉल रिकॉर्ड किए जाएंगे और सोशल मीडिया अकाउंट मॉनीटर किए जाएंगे। इसमें कहा गया है कि यदि कोई यूजर सरकार या धर्म पर कोई निगेटिव मैसेज शेयर करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। बता दें कि इस तरह के मैसेज में किए गए सभी दावे गलत हैं और इन्हें शेयर न करने से बचें। यह भी पढ़ें : Realme X7 Max 5G फोन 31 मई को आएगा इंडिया, लॉन्च से पहले ही देखें इसकी कीमत और पावरफुल स्पेसिफिकेशन्स
इस फेक मैसेज में यह भी दावा किया जा रहा है कि सभी डिवाइसेस सीधे मंत्रालय से कनेक्ट रहेंगे। इस वायरल मैसेज में कहा जा रहा है कि फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सऐप नया टिक सिस्टम भी लागू करने जा रही है। यह टिक सिस्टम बताएंगे कि उसके भेजे गए मैसेज पर सरकारी अथॉरिटिज कोई कार्रवाई तो नहीं कर रही हैं। WhatsApp फिलहाल ऐसा कोई नया कॉम्यूनिकेशन रूल्स लागू नहीं कर रही है, जिसमें तीन रेड टिक या तीन ब्लू टिक होंगे। फिलहाल, जब व्हाट्सऐप पर कोई यूजर मैसेज भेजता है तो एक टिक आता है। मैसेज के डिलिवर होने पर दो टिक आते हैं। वहीं रिसिवर द्वारा मैसेज पढ़ लिए जाने पर ये दो टिक ब्लू हो जाते हैं।
एक वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार द्वारा अब ‘नए संचार नियम’ के तहत सोशल मीडिया और फोन कॉल की निगरानी रखी जाएगी।#PIBFactCheck: यह दावा फ़र्ज़ी है।
भारत सरकार द्वारा ऐसा कोई नियम लागू नहीं किया गया है।
ऐसे किसी भी फ़र्ज़ी/अस्पष्ट सूचना को फॉरवर्ड ना करें। pic.twitter.com/mW9LT2W1k4— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) May 27, 2021
ऐसे ही दावों को लेकर PIB ने ट्वीट कर बताया है कि ये सभी दावे गलत हैं। ऐसे ही मैसेज पर PIB ने पिछले साल भी फैक्ट चैक करते हुए बताया था कि ये दावे गलत हैं। हाल में एक व्हाट्सऐप पर एक और ऐसा ही मैसेज सर्कूलेट हो रहा था जिसमें दावा किया जा रहा था कि नए आईटी रूल्स लागू होने के बाद व्हाट्सऐप, फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम आपकी इमेज, फाइल्स, मैसेज और दूसरी इंफ़ॉरमेशन को अपनी ग्रोथ के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। ये सभी फ़ेक मैसेज हैं। आपको भी अगर ऐसे मैसेज मिले हैं तो इस न्यूज़ को फॉर्वड कर सकते हैं।





















