
दिल्ली में नकली स्मार्टफोन्स के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली Oppo, OnePlus और Realme स्मार्टफोन्स से जुड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि करोल बाग और मोती नगर में मौजूद कई जगहों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में फर्जी मोबाइल प्रोडक्ट्स और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, करोल बाग के रघुबीर पुरा इलाके में मौजूद दो गोदामों को सील किया गया, जहां कथित तौर पर नकली स्मार्टफोन्स की पैकिंग और ब्रांडिंग की जा रही थी। इसके अलावा, मोती नगर में एक फैक्ट्री का भी पता चला, जहां इन फर्जी मोबाइल्स के लिए पैकेजिंग बॉक्स तैयार किए जा रहे थे। जांच के दौरान पुलिस ने आठ मशीनें भी जब्त कीं, जिनका इस्तेमाल नकली प्रोडक्ट्स की पैकिंग और मैन्युफैक्चरिंग में किया जा रहा था।
#WATCH | Delhi | In a major crackdown and search-cum-seizure operation, a huge quantity of counterfeit products of OPPO, OnePlus and Realme brands was recovered. Two godowns located in Regharpura, Karol Bagh, where these fake products were being packaged and branded, were sealed.… pic.twitter.com/P5FYwtPrwj
— ANI (@ANI) May 10, 2026
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क फर्जी स्मार्टफोन्स को बड़े ब्रांड्स के नाम पर बाजार में बेचने का काम कर रहा था। पुलिस को मौके से प्रिंटिंग प्रेस, पैकेजिंग यूनिट और कई नकली ब्रांडिंग मैटीरियल भी मिले हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये नकली स्मार्टफोन्स किन बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सप्लाई किए जा रहे थे।
नकली स्मार्टफोन का खतरा क्यों बढ़ रहा है? भारत में ऑनलाइन और ऑफलाइन स्मार्टफोन बिक्री तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में फर्जी मोबाइल बेचने वाले गिरोह भी सक्रिय हो गए हैं। कई बार ग्राहकों को बेहद कम कीमत में प्रीमियम स्मार्टफोन ऑफर किए जाते हैं, जिनके पीछे नकली प्रोडक्ट्स का खेल छिपा होता है। बाहर से देखने पर ये फोन बिल्कुल असली जैसे लग सकते हैं, लेकिन इनमें घटिया हार्डवेयर, कमजोर बैटरी और नकली सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है।
ऐसे डिवाइस न सिर्फ जल्दी खराब हो सकते हैं, बल्कि डेटा चोरी और सिक्योरिटी रिस्क का भी बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं। कई नकली स्मार्टफोन्स में अनऑफिशियल ऐप्स और मॉडिफाइड सॉफ्टवेयर डाले जाते हैं, जो यूजर की निजी जानकारी चुरा सकते हैं।
नकली स्मार्टफोन खरीदने से कैसे बचें? अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले कीमत पर ध्यान दें। अगर कोई फोन बाजार कीमत से बहुत सस्ता मिल रहा है, तो सतर्क हो जाना चाहिए। अक्सर बहुत ज्यादा डिस्काउंट नकली प्रोडक्ट्स का संकेत हो सकता है।
फोन खरीदते समय हमेशा अधिकृत विक्रेता या ब्रांड के ऑफिशियल स्टोर को प्राथमिकता दें। ऑनलाइन खरीदारी करते समय यह जरूर जांचें कि सेलर Authorised Seller है या नहीं। ऑफलाइन मार्केट में भी भरोसेमंद दुकानों से ही खरीदारी करनी चाहिए।
पैकेजिंग और बॉक्स को ध्यान से जांचें नकली स्मार्टफोन्स की पहचान का सबसे आसान तरीका उसकी पैकेजिंग होती है। अगर बॉक्स पर स्पेलिंग मिस्टेक, धुंधले लोगो, खराब प्रिंटिंग या सस्ती क्वालिटी की पैकेजिंग दिखे, तो सावधान हो जाना चाहिए। असली ब्रांड्स की पैकेजिंग आमतौर पर काफी प्रीमियम और साफ-सुथरी होती है।
इसके अलावा, फोन का IMEI नंबर भी जरूर चेक करना चाहिए। OnePlus, Realme और Oppo जैसी कंपनियां अब ऑफिशियल वेबसाइट पर IMEI या सीरियल नंबर वेरिफिकेशन टूल देती हैं। इससे पता लगाया जा सकता है कि फोन असली है या नहीं।
QR कोड और सीरियल नंबर जरूर वेरिफाई करें आजकल ज्यादातर बड़े स्मार्टफोन ब्रांड्स QR कोड और सीरियल नंबर के जरिए ऑथेंटिसिटी वेरिफिकेशन सुविधा देते हैं। फोन खरीदने के बाद बॉक्स पर दिए गए QR कोड को स्कैन करके उसकी जानकारी ब्रांड की ऑफिशियल वेबसाइट से मैच करनी चाहिए। अगर वेबसाइट फोन को पहचान नहीं रही या जानकारी गलत दिख रही है, तो वह डिवाइस फर्जी हो सकता है।
नकली फोन मिलने पर क्या करें? अगर आपको लगता है कि आपके पास नकली स्मार्टफोन है, तो तुरंत संबंधित प्लेटफॉर्म या विक्रेता को रिपोर्ट करें। ऑनलाइन खरीदारी की स्थिति में रिव्यू और शिकायत दर्ज करना जरूरी होता है ताकि दूसरे ग्राहक भी सतर्क रह सकें। इसके अलावा, पुलिस या साइबर क्राइम सेल में भी शिकायत की जा सकती है।
कुल मिलाकर देखेंस तो दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई दिखाती है कि नकली स्मार्टफोन्स का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और बड़े ब्रांड्स के नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में ग्राहकों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। फोन खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि उसकी ऑथेंटिसिटी, पैकेजिंग, IMEI और सेलर की विश्वसनीयता भी जरूर जांचनी चाहिए। थोड़ी-सी सावधानी आपको नकली डिवाइस और बड़े नुकसान से बचा सकती है।









