
लंबे इंतजार के बाद आखिर आज इंडिया में MNP यानि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी का नया नियम लागू हो गया है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने एक ही मोबाइल नंबर को रखते हुए उसकी टेलीकॉम कंपनी को बदलने की प्रकिया को नए सिरे से पेश किया है। तकरीबन एक हफ्ते से देश में नंबर पोर्ट की सर्विस रूकी हुई थी जो आज नए नियम लागू होने के साथ ही नए सिरे से चालू हो गई है। MNP के नए नियम आने के बाद महज 3 दिनों ही यूजर अपना मोबाइल ऑपरेटर बदल पाएंगे। MNP के नए नियम आज यानि 16 दिसंबर 2019 से पूरे देश में लागू हो गए हैं। आईये जानते हैं क्या हुआ है नया बदलाव।
यह है नया MNP नियम
MNP कराने के लिए अभी तक यूजर को आमतौर पर एक हफ्ते तक का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब TRAI के नए नियम के तहत सभी कंपनियों को यह आदेश दिया गया है कि नंबर पोर्ट करने की प्रक्रिया का समय 7 दिन से घटा कर सिर्फ 3 दिन किया जाए। TRAI की ओर से नए दिशानिर्देश और नियम सार्वजनिक कर दिए गए हैं। अब नंबर पोर्ट की अर्जी डालने के बाद 3 दिन में ही यूजर का मोबाईल ऑपरेटर चेंज हो जाएगा।
एक ही सर्किल में मोबाइल नंबर को एक से दूसरे ऑपरेटर पर बदलने के लिए जहां अधिकतम तीन दिन का समय लगेगा, वहीं एक सर्किल से दूसरे सर्किल यानि एक राज्य से दूसरे राज्य में मोबाइल ऑपरेटर बदलने की समयावधि ट्राई ने 5 दिन की तय की है। अर्थात् एक राज्य में यूज़ हो रहा मोबाईल नंबर सिर्फ 5 दिन में ही दूसरे राज्य का नंबर बन जाएगा।
इन शर्तो पर होगा पोर्ट
3 दिन में मोबाइल नंबर पोर्ट किए जाने की सुविधा के साथ ही ट्राई ने यूजर्स के लिए भी अहम बाते पेश की है। ट्राई ने साफ कह दिया है कि MNP प्रक्रिया शुरू होने पर पहले की तरह UPC कोड जेनरेट करना होगा। लेकिन नए नियम में यह UPC कोड यूजर की वैधिक जानकारी की पुष्टि होने के बाद ही जेनरेट हो जाएगा। UPC की रिक्वेट डालने पर पहले टेलीकॉम कंपनी द्वारा यूजर की प्रोफाइल और उसके यूज़ेज को देखा जाएगा और वह नियमानुसार सही होने के बाद ही उपभोक्ता के नंबर पर UPC कोड आएगा।
UPC कोड के लिए ट्राई ने अनिवार्य किया है कि मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के इच्छुक यूजर यदि पोस्टपेड कनेक्शन यूज़ कर रहे हैं तो उन्हें अपनी बकाया राशि चुकानी होगी और इसके बाद मौजूदा ऑपरेटर से प्रमाण भी लेना होगा। इसके साथ ही जो मोबाइल नंबर पोर्ट कराना चाह रहे हैं वह नंबर कम से कम 90 दिनों तक मौजूदा ऑपरेटर पर एक्टिव रहना जरूरी है। वहीं यूजर्स को एक बाद और ध्यान रखनी होगी कि उस मोबाइल नंबर पर यूजर आईडी बदलने की कोई भी रिक्वेस्ट एक्टिव न हो। ये तमाम पहलू चैक होने के बाद ही उपभोक्ता को उनका UPC कोड प्राप्त होगा।
ऐसे जेनरेट करें UPC कोड
यदि उपरोक्त बताई गए प्वाइंट्स पर आप पास हो जाते हैं तो मोबाइल यूजर नंबर पोर्टेबिलिटी की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। इसके लिए अपने ‘PORT (स्पेस) 901XXXXXXX‘ में अपने मोबइल नंबर को लिखकर 1900 पर सेंड करना है। मैसेज भेजने के बाद यूजर की सभी डिटेल्स को पहले चैक किया जाएगा और यदि सभी शर्ते पर पास हो जाते हैं तो UPC कोड मैसेज के जरिये प्राप्त हो जाएगा। बता दें कि यूजर की पूरी प्रोफइल को चैक करके UPC कोड भेजने के दौरान 5 मिनट तक का समय लग सकता है।
वहीं दूसरी ओर यदि उपभोक्ता ट्राई की शर्तोे पर सही नहीं पाया गया तो उसे मैसेज के जरिये UPC कोड नहीं दिया जाएगा। उपभोक्ता को इस बात का भी खास ध्यान रखना होगा कि पहले जहां UPC कोड 15 दिन पर वैध रहता था वहीं अब यह UPC कोड सिर्फ 4 दिन तक ही वेलिड रहेगा। गौरतबल है कि जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर सर्किलों में यह 30 दिन तक वैध रहेगा।












