आपका Android फोन धीरे चार्ज हो रहा है, जानें इसे कैसे ठीक करें

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क्या आपने नोटिस किया है कि आपका स्मार्टफोन अब पहले की तरह तेजी से चार्ज नहीं हो रहा है? चार्जिंग में अब ज्यादा समय लगने लगा है या बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है? अगर हां, तो यह समस्या सिर्फ आपके साथ नहीं है। ज्यादातर Android यूजर्स को किसी न किसी समय यह परेशानी होती है। इसका कारण हमेशा फोन की पुरानी बैटरी नहीं होती है, बल्कि कई बार चार्जर, केबल, पोर्ट या सॉफ्टवेयर भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। आइए इस आर्टिकल में जानते हैं स्मार्टफोन धीरे चार्ज होने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है?

खराब चार्जिंग केबल

आमतौर पर फोन के स्लो चार्जिंग कारण कई बार चार्जिंग केबल का खराब होना भी होता है। चार्जिंग केबल प्रतिदिन झुकने, मुड़ने, और खिंचने कारण अंदर से टूट जाती है। अगर केबल पुरानी हो चुकी है या किसी हिस्से में तार खुल गया है, तो बिजली सही तरीके से बैटरी तक नहीं पहुंच पाती है। इससे चार्जिंग स्पीड धीमी हो जाती है। आपको अपनी केबल को ध्यान से जांचना चाहिए। अगर उस पर कट, मुड़ाव या स्क्रैच दिखे तो उसे बदलना ही बेहतर है। एक बार दूसरी केबल लगाकर भी ट्राई करें। अगर चार्जिंग स्पीड बढ़ जाती है, तो इसका मतलब है कि पुराना केबल ही इसके लिए जिम्मेदार है। आजकल कई केबल्स अलग-अलग स्पीड को सपोर्ट करती हैं, इसलिए हमेशा अपने फोन की स्पेसिफिकेशन के हिसाब से ही केबल खरीदें।

गलत या पुराना चार्जर

phone charger

चार्जिंग की स्पीड सिर्फ केबल पर नहीं, बल्कि चार्जर पर भी निर्भर करती है। अगर आप किसी पुरानी या कम वॉटेज वाली चार्जिंग ब्रिक का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो फोन धीरे चार्ज होगा। आजकल कई फोन कंपनियां बॉक्स में चार्जर देना बंद कर चुकी हैं, जिससे गलत चार्जर इस्तेमाल करने की आशंका और बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए, अगर आपका फोन 33W या 45W चार्जिंग सपोर्ट करता है, और आप 15W चार्जर लगा रहे हैं, तो चार्जिंग स्वाभाविक रूप से धीमी होगी। इसलिए हमेशा वही चार्जर इस्तेमाल करें, जो आपके फोन की चार्जिंग पावर के अनुरूप हो। साथ ही, चार्जर के प्लग या पिन्स की स्थिति भी जांचें। अगर वे मुड़े हुए या ढीले हैं तो नया चार्जर लेना ही बेहतर है। अगर आप वायरलेस चार्जिंग यूज कर रहे हैं, तो ध्यान दें कि कुछ ब्रांड्स (जैसे Samsung या Google Pixel) सिर्फ अपने ऑफिशियल वायरलेस चार्जर से ही फुल स्पीड में चार्ज होते हैं।

गंदा या ढीला चार्जिंग पोर्ट

कई बार चार्जिंग पोर्ट में धूल, रेत या मलबा फंस जाने से चार्जिंग स्लो हो सकती है। यह छोटी-सी चीज बड़ी दिक्कत बन सकती है। अगर पोर्ट में सही तरीके से संपर्क (connection) नहीं बन रहा है, तो फोन या तो चार्ज ही नहीं करेगा या फिर बहुत धीरे करेगा। आप एक टॉर्च की मदद से पोर्ट के अंदर झांक सकते हैं और अगर कुछ जमा दिखे तो मुलायम ब्रश या टूथपिक से धीरे-धीरे साफ करें। लेकिन ध्यान रखें, ज्यादा दबाव डालने से पोर्ट को नुकसान हो सकता है। अगर पोर्ट ढीला महसूस हो रहा है या अंदर से जंग लगा है, तो इसे सर्विस सेंटर पर दिखाना ही बेहतर है।

कमजोर पावर सोर्स

कई लोग फोन को लैपटॉप या कंप्यूटर के USB पोर्ट से चार्ज करते हैं, जो बहुत कम वोल्टेज देते हैं। इससे चार्जिंग बहुत धीमी होती है। इसी तरह, कार चार्जर या पावर बैंक भी अक्सर कम एम्पियर (Ampere) सपोर्ट करते हैं, जिससे फोन की चार्जिंग टाइम बढ़ जाता है। ऐसे में सबसे अच्छा तरीका है कि वॉल सॉकेट (AC पावर) से चार्ज करना। अगर एक सॉकेट काम नहीं कर रहा है, तो दूसरा आउटलेट ट्राई करें। कभी-कभी घर की वायरिंग भी कमजोर होती है, जिससे वोल्टेज में फ्लक्चुएशन होता है। अगर ऐसा लगता है कि प्लग पॉइंट्स में पावर सही नहीं आ रहा, तो किसी इलेक्ट्रिशियन से चेक करवाएं।

फोन का ज्यादा गर्म होना

अगर आपका फोन चार्जिंग के दौरान गर्म हो रहा है, तो कई फोन में यह फीचर होता है कि खुद चार्जिंग स्पीड घटा देता है ताकि बैटरी को नुकसान न पहुंचे। यह फोन की सुरक्षा के लिए किया जाता है, लेकिन इससे चार्जिंग टाइम बढ़ जाता है। फोन को ठंडी और हवादार जगह पर चार्ज करें। धूप में या गर्म जगह (जैसे हीटर, गैस के पास या कार में) चार्ज करना कई खतरनाक भी हो सकता है। वायरलेस चार्जिंग से भी ज्यादा गर्मी पैदा होती है, इसलिए बेहतर होगा कि आप चार्जर केबल से ही फोन चार्ज करें।

बैकग्राउंड ऐप्स का ज्यादा चलना

आपके फोन में कई ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार चलते रहते हैं, जैसे- सोशल मीडिया, GPS या गेम ऐप्स। ये चार्जिंग के दौरान भी बैटरी की एनर्जी खींचते रहते हैं, जिससे चार्जिंग स्पीड कम हो जाती है। आपको Settings → Battery → Battery usage में जाकर देखना चाहिए कि कौन से ऐप्स ज्यादा बैटरी खा रहे हैं। अनावश्यक ऐप्स को बंद करें, उनकी बैकग्राउंड एक्टिविटी सीमित करें या पूरी तरह अनइंस्टॉल कर दें। साथ ही, स्क्रीन ऑन रहने से भी चार्जिंग स्लो होती है, इसलिए चार्जिंग के दौरान फोन को साइलेंट और स्क्रीन ऑफ रखें। अगर आप चेक करना चाहते हैं कि कौन-सा ऐप ज्यादा बैटरी की खपत कर रहे है तो नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो कर सकते हैंः

  • स्टेप-1: सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में सेटिंग्स ऐप को ओपन करें।
  • स्टेप-2: इसके बाद बैटरी वाले सेक्शन पर जाएं।

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  • स्टेप-3: फिर Battery usage पर क्लिक करें।

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  • स्टेप-4: अब ऐप की लिस्ट से चेक करें कि कौन-सा ऐप ज्यादा बैटरी की खपत कर रहा है।
  • स्टेप-5: इसके बाद ड्रॉप डाउन मैन्यू से View by apps पर टैप करें फिर View by systems को सलेक्ट करें।

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  • स्टेप-6: फिर सभी सिस्टम टाक्स को चेक करें और फिर देखें कि क्या कोई ऐप जरूरत से ज्यादा बैटरी की खपत कर रहा है।

चार्जिंग के समय फोन का इस्तेमाल

कई यूजर्स चार्जिंग के दौरान भी फोन का इस्तेमाल करते रहते हैं,जैसे- वीडियो देखना, गेम खेलना या कॉल पर रहना। ऐसा करने से बैटरी एक साथ चार्ज और डिस्चार्ज होती रहती है, जिससे चार्जिंग टाइम बढ़ जाता है और फोन ज्यादा गर्म होता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका फोन जल्दी चार्ज हो, तो उसे चार्जिंग के दौरान इस्तेमाल न करें। उसे आराम दें ताकि बैटरी पर जोर न पड़े और वह ठंडी रह सके।

पुरानी या खराब बैटरी

अगर आपका फोन 2-3 साल पुराना है, तो उसकी बैटरी की क्षमता स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है। लिथियम-आयन बैटरी समय के साथ कमजोर हो जाती है और चार्जिंग में ज्यादा वक्त लेने लगती है। अगर फोन की बैटरी फूली हुई है या जल्दी गर्म हो जाती है, तो तुरंत बदलवाना जरूरी है। ऐसी बैटरी खतरनाक हो सकती है। आजकल ज्यादातर फोन में नॉन-रिमूवेबल बैटरी होती है, इसलिए सर्विस सेंटर में जाकर उसे रिप्लेस करवाएं।

सॉफ्टवेयर की समस्या

कई बार कोई सॉफ्टवेयर गड़बड़ी, ऐप अपडेट या सिस्टम बग चार्जिंग स्पीड को प्रभावित कर देता है। ऐसे में आप चाहें तो अपने फोन को Factory Reset करके एक नया स्टार्ट दे सकते हैं। Factory Reset करने से फोन का पूरा डाटा मिट जाता है और यह फिर से वैसे ही हो जाता है जैसे आपने पहली बार खरीदा था। अगर Reset के बाद भी फोन धीरे चार्ज होता है, तो समस्या हार्डवेयर से जुड़ी हो सकती है। एंड्रॉयड फोन में फैक्ट्री रिसेट के लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो कर सकते हैंः

  • स्टेप-1: अपने एंड्रॉयड फोन में पहले सेटिंग्स ऐप को ओपन करें।
  • स्टेप-2: फिर सिस्टम वाले ऑप्शन में जाएं।
  • स्टेप-3: यह रिसेट वाले ऑप्शन को सलेक्ट कर लें।
  • स्टेप-4: फिर Erase all data (factory reset) पर टैप करें।

factory reset

  • स्टेप-5: फिर Erase all data पर टैप करें।
  • स्टेप-6: इसके बाद PIN दर्ज करें।
  • स्टेप-7: इरेज ऑल डाटा को सलेक्ट करने के बाद कंफर्म बटन पर क्लिक करें।

फोन का पुराना हार्डवेयर

हर स्मार्टफोन की एक लाइफ होती है। अगर आपने ऊपर बताए सभी तरीके आजमा लिए हैं और फिर भी फोन धीरे चार्ज हो रहा है, तो संभव है कि हार्डवेयर पुराना पड़ चुका है। ऐसे में नया फोन लेना ही बेहतर विकल्प है। आजकल मार्केट में कई ऐसे Android फोन आते हैं जिनमें 6000mAh या उससे ज्यादा बैटरी और 67W या 120W तक की सुपर फास्ट चार्जिंग मिलती है।

फोन को तेज चार्ज करने के आसान तरीके

अगर आप चाहते हैं कि आपका फोन जल्दी चार्ज हो, तो कुछ सरल उपाय अपना सकते हैंः

  • हमेशा ओरिजिनल और फास्ट चार्जिंग सपोर्ट वाला चार्जर-केबल यूज करें।
  • फोन को ठंडी जगह पर रखें और चार्जिंग के दौरान उपयोग न करें।
  • बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स बंद करें।
  • कंप्यूटर USB पोर्ट से नहीं, वॉल सॉकेट से चार्ज करें।
  • पुरानी या फूली बैटरी को जल्द से जल्द बदलवाएं।

सवाल-जवाब (FAQs)

फोन स्लो चार्ज क्यों होता है?

कई बार हम देखते हैं कि फोन को चार्ज होने में बहुत समय लग जाता है, जबकि चार्जर और केबल सही लगते हैं। असल में चार्जिंग स्पीड को कई कारणों से प्रभावित होते हैं। कुछ फोन ऐसे होते हैं जिनमें फास्ट चार्जिंग सपोर्ट ही नहीं होती, इसलिए वे सामान्य रूप से धीरे चार्ज होते हैं। अगर आपका फोन फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है, तो आपको उसी के अनुसार कंपैटिबल चार्जर और केबल का इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा, चार्जिंग स्लो होने के अन्य कारणों में बैटरी की उम्र (degraded battery), खराब सॉकेट या केबल, सॉफ्टवेयर बग, बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स या हार्डवेयर डैमेज भी शामिल हैं। कभी-कभी चार्जिंग के दौरान फोन को इस्तेमाल करने या गेम खेलने से भी चार्जिंग बहुत धीमी हो जाती है। इसलिए बेहतर होगा कि चार्जिंग के समय फोन को आराम से रख दें और एयरप्लेन मोड या बैटरी सेवर मोड ऑन कर दें।

क्या हर फास्ट चार्जर मेरे फोन के साथ काम करेगा?

यह जरूरी नहीं कि हर फास्ट चार्जर हर फोन के साथ काम करे। दरअसल, फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजीज के कई अलग-अलग स्टैंडर्ड्स होते हैं, जैसे Qualcomm Quick Charge, MediaTek Pump Express, Samsung Adaptive Fast Charging या USB Power Delivery (PD)। आपका फोन किस स्टैंडर्ड को सपोर्ट करता है, यह जानना जरूरी है ताकि आप उसी के अनुरूप चार्जर और केबल इस्तेमाल करें। गलत चार्जर से चार्जिंग स्लो हो सकती है या बैटरी को नुकसान भी पहुंच सकता है। इसलिए खरीदने से पहले फोन के स्पेसिफिकेशन और ब्रांड की वेबसाइट जरूर चेक करें।

क्या वॉरंटी में बैटरी रिप्लेसमेंट शामिल होता है?

अक्सर लोग यह जानना चाहते हैं कि अगर फोन की बैटरी खराब हो जाए तो क्या वॉरंटी में रिप्लेसमेंट मिलेगा। इसका जवाब हर कंपनी के नियमों पर निर्भर करता है। अधिकांश मामलों में अगर बैटरी की समस्या मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट की वजह से है, तो कंपनी वॉरंटी में उसे बदल देती है। लेकिन अगर आपके कारण बैटरी को नुकसान हुआ है (जैसे गिराने या पानी में डूबने से), तो वह कवर नहीं किया जाएगा। इसलिए हमेशा फोन की वॉरंटी पॉलिसी को ध्यान से पढ़ें और समझें कि उसमें क्या-क्या शामिल है।

क्या फोन इंश्योरेंस में बैटरी डैमेज कवर होता है?

फोन इंश्योरेंस भी हर कंपनी में अलग-अलग होता है। सामान्यतः इंश्योरेंस सिर्फ आकस्मिक नुकसान (accidental damage) को कवर करता है, जैसे फोन गिर जाने से स्क्रीन या बैटरी खराब होना। लेकिन अगर आपने जानबूझकर फोन को नुकसान पहुंचाया है, तो उसे इंश्योरेंस क्लेम में शामिल नहीं किया जाएगा। कुछ प्लान्स extended protection भी देते हैं, जिसमें बैटरी डैमेज कवर होता है। इसलिए अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी की टर्म्स एंड कंडीशंस जरूर पढ़ें।

क्या मैं खुद अपने फोन की बैटरी बदल सकता हूं?

पहले के समय में फोन की बैटरी आसानी से हटाई जा सकती थी, लेकिन अब ज्यादातर मॉडर्न स्मार्टफोन्स में नॉन-रिमूवेबल बैटरी होती है। ऐसे में, खुद से बैटरी बदलना मुश्किल और रिस्की हो सकता है। अगर आपका फोन रिमूवेबल बैटरी वाला है, तो आप आसानी से नई बैटरी खरीदकर लगा सकते हैं। लेकिन नॉन-रिमूवेबल बैटरी वाले फोनों में इसे बदलने के लिए अधिकृत सर्विस सेंटर या किसी प्रोफेशनल टेक्नीशियन की मदद लेनी चाहिए। कुछ कंपनियां वारंटी के बाहर बैटरी बदलने की सर्विस देती हैं, लेकिन इसके लिए आपको अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है।

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