Smart TV स्लो हो गया है? जानें स्पीड बढ़ाने और सॉफ्टवेयर अपडेट करने के आसान तरीके

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आज लगभग हर घर में स्मार्ट टीवी मौजूद है। OTT प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज देखना हो, फिल्में स्ट्रीम करनी हों या कभी-कभार गेम खेलना हो-स्मार्ट टीवी अब एंटरटेनमेंट का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन जैसे-जैसे टीवी पुराना होता है, उसकी स्पीड कम होने लगती है। मेन्यू स्लो हो जाते हैं, ऐप्स खुलने में समय लेते हैं और वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान बार-बार बफरिंग होने लगती है। ऐसे में ज्यादातर लोग नया टीवी खरीदने का सोचने लगते हैं, जबकि हकीकत यह है कि हर स्लो स्मार्ट टीवी हार्डवेयर की वजह से खराब नहीं होता है। कई मामलों में परफॉर्मेंस की समस्या सॉफ्टवेयर सेटिंग्स, स्टोरेज लिमिट या इंटरनेट कनेक्शन से जुड़ी होती है।

कुछ अपडेट छोटे होते हैं, जिनमें केवल बग फिक्स या ऐप से जुड़े सुधार होते हैं, जबकि कुछ बड़े अपडेट टीवी का पूरा यूजर इंटरफेस (UI) और परफॉर्मेंस तक बदल सकते हैं। हालांकि स्मार्ट टीवी अपडेट अनिवार्य नहीं होते हैं, लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपका टीवी बेहतर परफॉर्म करे, स्मूद चले और लेटेस्ट फीचर्स दे, तो समय पर अपडेट इंस्टॉल करना बेहद जरूरी है। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर स्मार्ट टीवी अपडेट अपने-आप डाउनलोड और इंस्टॉल कर लेते हैं, खासकर जब टीवी स्टैंडबाय मोड में होता है। आइए जानते हैं कैसे कुछ आसान स्टेप्स अपनाकर आप अपने पुराने स्मार्ट टीवी (Smart TV) की परफॉर्मेंस को काफी हद तक बेहतर बना सकते हैं।

सॉफ्टवेयर अपडेट आखिर होते क्या हैं?

सॉफ्टवेयर अपडेट दरअसल टीवी कंपनियों द्वारा जारी किए गए ऐसे पैच या नए वर्जन होते हैं, जो टीवी के ऑपरेटिंग सिस्टम को बेहतर बनाते हैं। इनमें कई तरह के सुधार शामिल हो सकते हैं, जैसे-

  • सिस्टम की स्पीड और स्टेबिलिटी बढ़ाना
  • ऐप्स की परफॉर्मेंस सुधारना
  • सिक्योरिटी से जुड़ी खामियों को ठीक करना
  • नए फीचर्स जोड़ना
  • यूजर इंटरफेस (UI) को नया लुक देना
  • पिक्चर और साउंड क्वालिटी में सुधार

कुछ अपडेट छोटे होते हैं, जो बैकग्राउंड में इंस्टॉल हो जाते हैं, जबकि कुछ बड़े अपडेट पूरे टीवी का एक्सपीरियंस बदल देते हैं।

smart tv updates

क्या अपडेट करना जरूरी है?

तकनीकी रूप से देखें तो स्मार्ट टीवी बिना अपडेट के भी चल सकता है, लेकिन सवाल यह नहीं है कि टीवी चलेगा या नहीं, सवाल यह है कि वह कितनी अच्छी तरह से चलेगा। पुराना सॉफ्टवेयर धीरे-धीरे ऐप्स के साथ कम्पैटिबल नहीं रहता है। कई बार OTT ऐप्स अपडेट मांगने लगते हैं या सही से काम नहीं करते हैं। इसके अलावा, सिक्योरिटी रिस्क भी बढ़ जाता है, खासकर तब जब टीवी इंटरनेट से कनेक्टेड हो। यानी अगर आप चाहते हैं कि आपका टीवी लंबे समय तक स्मूद, फास्ट और सेफ बना रहे, तो समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं आप कैसे अपडेट कर सकते हैं?

ऑटोमैटिक अपडेट

आजकल ज्यादातर स्मार्ट टीवी में ऑटो अपडेट का विकल्प पहले से दिया जाता है। टीवी को पहली बार सेटअप करते समय ही स्क्रीन पर यह सवाल आता है कि आप ऑटो अपडेट ऑन करना चाहते हैं या नहीं। एक बार यह फीचर ऑन हो जाए, तो टीवी खुद ही इंटरनेट के जरिए नया सॉफ्टवेयर ढूंढता है और जरूरत पड़ने पर स्टैंडबाय मोड में अपडेट इंस्टॉल कर लेता है। इस दौरान यूजर को कुछ भी करने की जरूरत नहीं होती है।

Samsung, Sony, LG जैसे बड़े ब्रांड्स अपने टीवी में यह सुविधा आसानी से देते हैं। उदाहरण के लिए Samsung टीवी में Settings > Support > Software Update में जाकर Auto Update को ऑन या ऑफ किया जा सकता है।

मैन्युअल अपडेट

हर यूजर ऑटो अपडेट पसंद नहीं करता है। कुछ लोग चाहते हैं कि अपडेट कब डाउनलोड हो, यह वे खुद तय करें। ऐसे में मैन्युअल अपडेट सबसे सही विकल्प है। इस तरीके में यूजर को टीवी की Settings में जाकर Check for Update ऑप्शन पर क्लिक करना होता है। अगर नया अपडेट उपलब्ध होता है, तो टीवी उसे डाउनलोड करने का विकल्प देता है।

Check for Update

मैन्युअल अपडेट का एक बड़ा फायदा यह है कि आप अपने इंटरनेट डाटा और नेटवर्क पर पूरा कंट्रोल रख सकते हैं। खासकर उन घरों में जहां एक ही Wi-Fi पर कई डिवाइस जुड़े हों, वहां यह तरीका ज्यादा बेहतर साबित होता है। अगर संभव हो, तो अपडेट के समय टीवी को LAN या Ethernet केब से कनेक्ट करना बेहतर रहता है, ताकि इंटरनेट कनेक्शन स्टेबल बना रहे।

USB से अपडेट

कई बार ऐसा होता है कि टीवी इंटरनेट से कनेक्टेड नहीं होता है या फिर Wi-Fi कनेक्शन बहुत स्लो होता है। ऐसे में USB के जरिए अपडेट करना एक बेहतरीन विकल्प बन जाता है। लगभग हर स्मार्ट टीवी में एक या दो USB पोर्ट दिए जाते हैं। इन्हीं पोर्ट्स की मदद से आप सॉफ्टवेयर अपडेट इंस्टॉल कर सकते हैं।

USB Update

इसके लिए सबसे पहले टीवी निर्माता की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने टीवी मॉडल के अनुसार अपडेट फाइल डाउनलोड करनी होती है। इसके बाद उस फाइल को पेन ड्राइव के रूट फोल्डर में कॉपी किया जाता है। पेन ड्राइव को टीवी में लगाकर Settings में जाकर USB Update ऑप्शन चुना जाता है। कुछ ही मिनटों में टीवी नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर लेता है।

वॉयस असिस्टेंट से अपडेट

अगर आपका स्मार्ट टीवी Alexa या Google Assistant को सपोर्ट करता है, तो अपडेट चेक करना और भी आसान हो जाता है। रिमोट पर माइक्रोफोन बटन दबाकर आप कह सकते हैं-
Alexa, check for software update
या
OK Google, TV update check करो

हालांकि यह सुविधा हर टीवी मॉडल में उपलब्ध नहीं होती है, लेकिन जहां सपोर्ट मिलता है, वहां यह तरीका काफी कंवीनिएंट साबित होता है।

सॉफ्टवेयर अपडेट फेल हो जाए तो क्या करें

हालांकि ऐसा कम ही होता है, लेकिन कभी-कभी अपडेट सही से इंस्टॉल नहीं हो पाता है। इसकी वजह खराब इंटरनेट, करप्ट फाइल या पावर कट हो सकता है। अगर अपडेट के बाद टीवी स्लो हो जाए, ऐप्स क्रैश होने लगें या स्क्रीन अटकने लगे, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले उस अपडेट वर्जन के बारे में ऑनलाइन जानकारी देखें। कई बार कंपनी खुद ही फिक्स्ड वर्जन जारी कर देती है। जरूरत पड़े तो USB के जरिए पुराना या नया स्टेबल सॉफ्टवेयर दोबारा इंस्टॉल किया जा सकता है।

अक्सर लोग सोचते हैं कि टीवी हार्डवेयर की वजह से स्लो होता है, लेकिन सच्चाई यह है कि पुराना सॉफ्टवेयर भी बड़ी वजह बनता है। नियमित अपडेट से टीवी की परफॉर्मेंस बनी रहती है और उसकी उम्र भी बढ़ती है।

सवाल- जवाब (FAQs)

स्मार्ट टीवी में पावर-सेविंग मोड को बंद करने से क्या होता है?

बहुत से स्मार्ट टीवी में पावर-सेविंग या एनर्जी-सेवर मोड डिफॉल्ट रूप से ऑन रहते हैं। ये फीचर्स बिजली की खपत कम करने के लिए टीवी की प्रोसेसिंग पावर को सीमित कर देते हैं। इसका असर सीधे टीवी की स्पीड पर पड़ता है। जब पावर-सेविंग मोड एक्टिव होता है, तो मेन्यू स्लो हो सकता है, ऐप्स खुलने में देर लगती है और वीडियो प्लेबैक के दौरान लैग महसूस हो सकता है। कई बार स्क्रीन ब्राइटनेस और रिफ्रेश रेट भी कम कर दिए जाते हैं। अगर आप स्मूद परफॉर्मेंस चाहते हैं, तो Settings में जाकर पावर-सेविंग से जुड़े सभी ऑप्शंस को बंद करना बेहतर रहता है। इससे टीवी अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर पाता है।

स्मार्ट टीवी की परफॉर्मेंस को कैसे बढ़ा सकते हैं?

स्मार्ट टीवी की इंटरनल स्टोरेज और रैम सीमित होती है। समय के साथ अगर टीवी में बहुत ज्यादा ऐप्स इंस्टॉल हो जाते हैं, तो सिस्टम पर लोड बढ़ने लगता है और परफॉर्मेंस स्लो हो जाती है। ऐसे ऐप्स जिन्हें आप महीनों से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, उन्हें अनइंस्टॉल कर देना चाहिए। इसके अलावा, स्टोरेज फुल होने पर ऐप कैश क्लियर करना भी मददगार साबित हो सकता है। हालांकि बार-बार कैश क्लियर करने से ऐप्स को हर बार दोबारा डाटा लोड करना पड़ सकता है, इसलिए इसे जरूरत के हिसाब से ही करें। कम ऐप्स और फ्री स्टोरेज का मतलब है-फास्ट नेविगेशन और बेहतर ओवरऑल परफॉर्मेंस।

स्मार्ट टीवी में बफरिंग की समस्या क्यों होती है?

कई बार स्मार्ट टीवी में बफरिंग कमजोर इंटरनेट कनेक्शन की वजह से होती है। अगर वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान बफरिंग हो रही है या ऐप्स देर से लोड हो रहे हैं, तो Wi-Fi सिग्नल स्ट्रेंथ जरूर चेक करें। राउटर से ज्यादा दूरी, दीवारों की रुकावट या एक ही नेटवर्क पर कई डिवाइसेज का इस्तेमाल-ये सभी चीजें स्पीड को प्रभावित करती हैं। अगर संभव हो, तो स्मार्ट टीवी को Ethernet केबल के जरिए सीधे राउटर से कनेक्ट करें। वायर्ड कनेक्शन आमतौर पर ज्यादा स्टेबल होता है, जिससे स्ट्रीमिंग क्वालिटी बेहतर होती है, बफरिंग कम होती है और डाउनलोड स्पीड भी बढ़ जाती है।

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